गोल्ड बुलियन पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य करने जा रही सरकार, कस्टमर्स को होगा फायदा

कंज्यूमर अफेयर के सचिव निधि खरे ने शुक्रवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री में कहा कि भारत सरकार कंज्यूमर की सुरक्षा और सोने की सप्लाई चेन में क्वालिटी बनाए रखने के लिए गोल्‍ड बुलियन की हॉलमार्किंग पर विचार कर रही है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम Image Credit: tv9 bharatvarsh

अब सोने की खरीददारी और भी भरोसेमंद होने वाली है, क्योंकि भारत सरकार ने सोने की शुद्धता जांचने के लिए एक नया नियम बनाने का फैसला लिया है. अब तक तो सिर्फ सोने की ज्वेलरी पर ही हॉलमार्क लगता था, जिससे हमें पता चलता था कि सोना कितना शुद्ध है. लेकिन अब सरकार गोल्‍ड बुलियन पर भी हॉलमार्क लगाने वाली है. इसकी जानकारी कंज्यूमर अफेयर के सचिव निधि खरे ने शुक्रवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री में दी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार कंज्यूमर की सुरक्षा और सोने की सप्लाई चेन में क्वालिटी बनाए रखने के लिए सोने के बुलियन के लिए हॉलमार्किंग पर विचार कर रही है. सरकार ने यह निर्णय 23 जून 2021 को ज्वेलरी पर लगाए गए हॉलमार्किंग की अनिवार्यता के बाद लिया है. अब 40 करोड़ से अधिक गोल्ड ज्वैलर्स के पास एक यूनिक हॉलमार्क इंडेंटिफिकेशन नंबर है.

निधि खरे ने बताया कि जब जौहरी दूसरे देशों से सोना मंगाते हैं, तो कई बार उन्हें भी यह पता नहीं होता कि जो सोना वे खरीद रहे हैं, वह कितना शुद्ध है. अर्थात् सोना उन्हें मिल रहा है, वह असली है या नकली, इस बारे में उन्हें संदेह हो सकता है.

हॉलमार्किंग में शुद्धता

  • 22 कैरेट वाले सोने में 91.60 फीसदी शुद्धता
  • 18 कैरेट वाले सोने में 75 फीसदी शुद्धता
  • 14 कैरेट वाले सोने में 58.50 फीसदी शुद्धता

सरकार लैब-ग्रोन डायमंड्स पर ही दे रही ध्यान

कंज्यूमर अफेयर के सचिव निधि खरे ने कहा कि सरकार लेब-ग्रोन डायमंड्स पर भी ध्यान दे रही है. उन्‍होंने कहा कि हीरों की बढ़ती मांग और खरीदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर भी कानून बनाने पर विचार कर रही है. निधि खरे ने भारतीय अर्थव्यवस्था में रत्न और ज्वेलरी के महत्व को बताते हुए कहा कि इसका मार्केट साइज साल 2023 में करीब 50 बिलियन डॉलर था और यह 2030 तक 134 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा.

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इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ रहा डिमांड

उन्होंने कहा कि भारत वर्ल्ड लेवल पर दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है और इससे देश में रोजगार के बड़े अवसर हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इसके महत्व को देखते हुए इसे एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए महत्व वाले क्षेत्र के रूप में नामित किया है. साथ ही खरे ने इस इंडस्ट्री को इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय आभूषणों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया.