2030 तक 200 अरब डॉलर पार होगा भारत-अफ्रीका कारोबार, इन क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं

भारत-अफ्रीका का द्विपक्षीय कारोबार फिलहाल करीब 100 अरब डॉलर है, जो आने वाले 5-6 वर्ष में दोगुना हो जाएगा. जानें इस दौरान किन क्षेत्रों में कारोबार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी.

सीसीआई की तरफ से आयोजित भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल Image Credit: ANI

वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए भारत नए कारोबारी साझेदार तलाश रहा है. इसके साथ ही पुराने साझेदारों के साथ कारोबार को नए स्तर पर ले जाया जा रहा है. आने वाले दिनों में अफ्रीका भारत का एक बड़ा कारोबारी साझेदार बनकर उभरेगा. वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने इस संबंध में 22 अगस्त, गुरुवार को कहा कि वाहन, कृषि, औषधि और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में भारत-अफ्रीका के बीच व्यापार और निवेश अपार संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच फिलहाल द्विपक्षीय व्यापार करीब 100 अरब डॉलर है, जो आने वाले 5-6 वर्ष में दोगुना होकर 200 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.
भारतीय उद्योग परिसंघ (CCI) की तरफ से आयोजित भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि अफ्रीकी महाद्वीप मुक्त व्यापार क्षेत्र (AFCFTA) में वाहन, कृषि प्रसंस्करण, औषधि, परिवहन और लॉजिस्टिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां भारी अवसर हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अफ्रीका और भारत के बीच निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा क्षमता निर्माण के लिहाज से सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि, खासतौर पर प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और बीज प्रौद्योगिकी के मामले में भी व्यापार और सहयोग बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भारत लॉजिस्टिक क्षेत्र में अफ्रीका के साथ अपनी विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने को तैयार है. इसी अवसर पर विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव दम्मू रवि ने कहा कि ड्यूटी फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (DFTP) योजना का अफ्रीका ने अभी पूरी तरह उपयोग नहीं किया है. उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय कंपनियों को अफ्रीका में उद्योग स्थापित करने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि इस महाद्वीप में विनिर्माण के विशाल अवसर हैं।

अफ्रीकी देशों ने खरीदीं 380 करोड़ डॉलर की दवाएं

2023 में भारत ने अफ्रीका को करीब 380 करोड़ डॉलर की दवाएं निर्यात की हैं. किफायती दवा बनाने की भारत की क्षमताओं का अफ्रीकी लोगों को भी फायदा हो रहा है. खासतौर पर उन्हें वाजिब दामों पर दवाएं मिल रही हैं. महंगी दवाओं की वजह से बड़ी तादाद में अफ्रीकी लोग अपनी सेहत से समझौता करते हैं. भारत के साथ जैसे दवा कारोबार बढ़ेगा अफ्रीकी लोगों को इस संबंध में राहत मिलने की उम्मीद है.

भारत के विकास को मिल रही अफ्रीकी कच्चे माल से रफ्तार

अफ्रीका भारत से सिर्फ आयात ही नहीं कर रहा है, बल्कि प्रमुख खनिजों का मुख्य आपूर्तिकर्ता भी है. अफ्रीका के ये प्राकृतिक संसाधन भारत के विकास को गति देने में अहम साबित हो रहे हैं. भारत में अफ्रीका से कोबाल्ट, तांबा, लिथियम, निकल जैसे खनिजों का आयात किया जाता है. इन खनिजों का इस्तेमाल पवन टर्बाइन से लेकर इलेक्ट्रिक कार तक होता है. इस तरह अफ्रीका स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास में भारत का बड़ा साझेदार है.

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