डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ाने से भी नहीं पूरी होगी देश में LPG की किल्लत, लंबा खिंचा युद्ध तो बढ़ सकती है परेशानी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत में LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. सरकार और रिफाइनरी कंपनियां घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे केवल सीमित राहत मिलेगी. भारत अपनी जरूरत का लगभग 55 से 60 फीसदी LPG आयात करता है.

भारत अपनी जरूरत का लगभग 55 से 60 फीसदी LPG आयात करता है. Image Credit: money9live

LPG shortage India: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की एनर्जी सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है. गैस सप्लाई प्रभावित होने से देश में LPG की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है. सरकार और रिफाइनरी कंपनियां घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके. हालांकि जानकारों का कहना है कि प्रोडक्शन बढ़ाने के बाद भी देश की कुल मांग का केवल आधा हिस्सा ही घरेलू स्तर पर पूरा हो पाएगा. भारत अभी भी LPG के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है.

कंपनियां बढ़ा रही हैं LPG प्रोडक्शन

पश्चिम एशिया संकट के बाद भारत की रिफाइनरी कंपनियों ने पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन से कुछ फीडस्टॉक हटाकर LPG रिकवरी बढ़ाने की कोशिश शुरू की है. सरकार के निर्देश के बाद घरेलू LPG प्रोडक्शन में करीब 25 फीसदी तक ग्रोथ दर्ज की गई है. हालांकि जानकारों का कहना है कि इस कदम से सप्लाई में केवल सीमित बढ़ोतरी ही हो पाएगी. अगर प्रोडक्शन 10 से 20 फीसदी तक बढ़ भी जाता है तो भी कुल मांग का लगभग आधा हिस्सा ही देश में उपलब्ध हो सकेगा.

भारत की LPG जरूरत

भारत में LPG की खपत लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास है. इसमें से केवल 40 से 45 फीसदी LPG देश में ही पैदा होती है. बाकी 55 से 60 फीसदी LPG विदेशों से आयात करनी पड़ती है. यही वजह है कि किसी भी वैश्विक संकट का असर भारत की गैस सप्लाई पर तुरंत पड़ता है.

होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर है सप्लाई

भारत के LPG आयात का करीब 80 से 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है. यही कारण है कि पश्चिम एशिया में किसी भी तनाव का सीधा असर भारत की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है. मध्य पूर्व के बाहर से LPG मंगाना संभव है लेकिन इसमें समय ज्यादा लगता है. लंबी समुद्री दूरी के कारण नई सप्लाई जल्दी नहीं पहुंच पाती.

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खरीदारी से बचने की अपील की

पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से LPG की घबराहट में खरीदारी नहीं करने की अपील की है. सरकार का कहना है कि कीमतों को कंट्रोल रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. सरकार खुद बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा वहन कर रही है ताकि कंज्यूमर पर ज्यादा बोझ न पड़े. साथ ही भारत विभिन्न वैश्विक कंपनियों से LPG सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है. सरकार के अनुसार फिलहाल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कुल सप्लाई पर्याप्त है.