अधर में प्रोजेक्ट छोड़ रही है जापानी दिग्गज Mitsubishi, विवाद में फंसा NTPC, शेयरों पर आज दिखेगा असर?
NTPC के फरक्का प्रोजेक्ट से Mitsubishi के संभावित एग्जिट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. ₹1,200 करोड़ के पेनल्टी विवाद के बीच NTPC का शेयर दबाव में दिखा, हालांकि स्टॉक अभी भी अपने 52-वीक हाई के करीब बना हुआ है.
NTPC Share Price: बिजनेस जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जो सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी NTPC के निवेशकों की धड़कनें बढ़ा सकती है. जापानी दिग्गज मित्सुबिशी (Mitsubishi) ने पश्चिम बंगाल स्थित NTPC के फरक्का सुपर थर्मल पावर स्टेशन में चल रहे ‘फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन’ (FGD) प्रोजेक्ट से हाथ खींचने का फैसला किया है. प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ने की इस फैसले ने अब हर्जाने की जंग छेड़ दी है, जहां NTPC और मित्सुबिशी के बीच करोड़ों रुपयों का अंतर बना हुआ है. इस अनिश्चितता के बीच कंपनी के शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है.
क्यों आई प्रोजेक्ट छोड़ने की नौबत?
इस अचानक आए फैसले के पीछे सरकारी नीतियों में हुआ बदलाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है. जून 2025 में, भारत सरकार ने अधिकांश कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के लिए FGD यूनिट्स (जो प्रदूषण कम करने के काम आती हैं) लगाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था. इसी बदलाव के बाद से मित्सुबिशी इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलने की राह तलाश रही है.
ईटी रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर सिर्फ इतना कहा है कि वे अनुबंध के अनुसार काम करना जारी रखेंगे, लेकिन सूत्रों की माने तो पर्दे के पीछे ‘एग्जिट’ की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है.
हर्जाने पर फंसा पेंच
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रोजेक्ट से बाहर निकलने के लिए जापानी कंपनी ने जुर्माना भरने की पेशकश की है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच रकम को लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है:
- NTPC की मांग: बिजली दिग्गज ने प्रोजेक्ट को अधूरा छोड़ने के बदले 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान की मांग की है.
- मित्सुबिशी का ऑफर: जापानी फर्म ने अब तक लगभग 720 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा है.
मित्सुबिशी ने नवंबर 2025 तक NTPC द्वारा जारी किए गए भुगतान को वापस करने (Upfront Reimbursement) की बात भी कही है. बता दें कि यह प्रोजेक्ट पिछले साल ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन इसका काम अभी भी काफी बाकी है.
फरक्का पावर स्टेशन पर मित्सुबिशी को तीन चरणों (3x200MW, 2x500MW और 1x500MW) में गीली चूना पत्थर (Wet Limestone) आधारित FGD सिस्टम लगाना था. ताजा जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अभी तक सिर्फ पहला चरण ही पूरा किया है.
यह भी पढ़ें: Stocks to Watch: Adani Power, IIFL Finance, Jana Small Finance Bank समेत फोकस में रहेंगे ये शेयर, दिखेगी हलचल!
NTPC के शेयरों पर दबाव?
इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. शुक्रवार को कारोबार के दौरान NTPC के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 401 रुपये पर बंद हुआ. अब 30 अप्रैल को भी शेयर पर नजर बनाए रखना लाजमी है. स्टॉक की स्थिति एक नजर में:
| विवरण | आंकड़े |
| CMP | ₹401 |
| 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर | ₹414 |
| मार्केट कैप | ₹3,94,218 करोड़ |
भले ही स्टॉक अपने 52-वीक हाई के करीब है, लेकिन मित्सुबिशी जैसी बड़ी कंपनी के प्रोजेक्ट छोड़ने की खबर सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर डाल सकती है. अब देखना यह होगा कि दोनों कंपनियां कितने करोड़ के सेटलमेंट पर समझौता करती हैं और इसका NTPC की बैलेंस शीट पर क्या असर पड़ता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
$120 पहुंचा क्रूड ऑयल , Gift Nifty लाल निशान में; फेड रेट कट फैसले का क्या होगा असर, ओपनिंग से पहले जानें सब कुछ
नॉन-स्टॉप भाग रहा ये शेयर, कंपनी को मिला इंटरनेशनल ट्रांसमिशन ऑर्डर; FII ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी
FIIs लगातार इन 8 कंपनियों में घटा रहे हिस्सेदारी, 8.6% तक कम किया स्टेक; लिस्ट में कई दिग्गज स्टॉक शामिल
