सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला, खत्म होंगे जमीनों के कानूनी विवाद
भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है जो हिंदू परिवारों में पैतृक कृषि भूमि के स्वामित्व और विरासत को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा. इस निर्णय के तहत, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 22 को अब कृषि भूमि पर भी लागू किया जाएगा. इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि कोई क्लास-1 उत्तराधिकारी अपनी विरासत में मिली खेती की जमीन का हिस्सा बेचना चाहता है, तो उसे बाहरी व्यक्ति को बेचने से पहले अपने ही परिवार के अन्य क्लास-1 उत्तराधिकारियों को उस जमीन को खरीदने का पहला अवसर देना होगा.
यह फैसला देश के करोड़ों परिवारों और लाखों एकड़ कृषि भूमि पर दूरगामी प्रभाव डालेगा. लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवादों को कम करने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है. पहले, धारा 22 केवल घरों और अन्य अचल संपत्तियों पर लागू होती थी, लेकिन अब इसे कृषि भूमि तक विस्तारित कर दिया गया है.
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