GIC Re में हिस्सेदारी बेचकर ₹3090 करोड़ जुटाएगी सरकार!10% डिस्काउंट पर मिलेंगे शेयर, जानें पूरी डिटेल
देश की सबसे बड़ी री-इंश्योरेंस कंपनी GIC Re में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचकर बड़ा फंड जुटाने की तैयारी में है. सरकार कंपनी में अपनी 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जिससे करीब 3,090 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी.

GIC Re: सरकार एक बार फिर सरकारी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर बड़ा फंड जुटाने की तैयारी में है. इस बार बारी है देश की सबसे बड़ी री-इंश्योरेंस कंपनी GIC Re की. सरकार कंपनी में अपनी 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जिससे करीब 3,090 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी.
खास बात यह है कि सरकार ने शेयर का फ्लोर प्राइस 352 रुपये तय किया है, जो बाजार में शेयर के बंद भाव से करीब 10 फीसदी कम है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह ऑफर आकर्षण का केंद्र बन सकता है. सरकार का मकसद सिर्फ हिस्सेदारी बेचना नहीं है, बल्कि बाजार नियामक SEBI के नियमों का पालन करना और चालू वित्त वर्ष के Disinvestment target को भी पूरा करना है.
क्यों बेच रही है सरकार हिस्सेदारी?
- SEBI के नियमों के अनुसार हर लिस्टेड कंपनी में कम से कम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग होना जरूरी है.
- मार्च 2026 के अंत तक GIC Re में सरकार की हिस्सेदारी 82.4 फीसदी थी.
- इसी हिस्सेदारी को कम करने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है.
- इसके साथ ही सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए तय 80,000 करोड़ रुपये के Disinvestment target को हासिल करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है.
क्या है OFS का पूरा प्लान?
GIC Re ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि OFS के तहत सरकार पहले चरण में 3.5 करोड़ शेयर बेचेगी. यह कंपनी की कुल Paid-up capital का 2 फीसदी हिस्सा है. 352 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर इससे करीब 1,240 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं.
अगर निवेशकों की तरफ से अच्छी मांग आती है तो सरकार अतिरिक्त 5.26 करोड़ शेयर और बेच सकती है. यह 3 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी होगी, जिससे करीब 1,850 करोड़ रुपये और जुटाए जा सकते हैं. इस तरह कुल रकम लगभग 3,090 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.
निवेशक कब लगा सकेंगे बोली?
- OFS 16 जून को गैर-खुदरा निवेशकों के लिए खुलेगा.
- वहीं 17 जून को खुदरा निवेशक और कंपनी के कर्मचारी इसमें हिस्सा ले सकेंगे.
- गैर-खुदरा हिस्से में कम से कम 25 फीसदी शेयर म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं.
- कंपनी के कर्मचारियों के लिए भी 20,000 शेयर तक का विशेष प्रावधान किया गया है.
सरकार ने इस साल अब तक कितना जुटाया?
वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत सरकार के लिए काफी मजबूत रही है. सरकार अब तक विनिवेश और संपत्ति बिक्री के जरिए 18,533 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. इसमें Central Bank of India, Coal India, NHPC और NLC India जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री से मिली रकम शामिल है. इसके अलावा सरकार ने संपत्ति बिक्री के जरिए भी 6,367 करोड़ रुपये हासिल किए हैं.
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?
फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होने के कारण OFS निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर बन सकता है. साथ ही GIC Re देश की प्रमुख री-इंश्योरेंस कंपनी है, इसलिए इस ऑफर पर बाजार की नजर बनी रहेगी. सरकार के लगातार विनिवेश अभियान से बाजार में नई गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं और निवेशकों को नए अवसर मिल सकते हैं.