EPFO में अटके लाखों क्लेम, स्टाफ और टेक्निकल एक्सपर्ट की कमी बनी वजह, जल्द भर्ती की मांग

EPFO की डिजिटल व्यवस्था और सेवा में सुधार को लेकर EPF ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार से टेक्निकल एक्सपर्ट की भर्ती की मांग की है. संगठन के अनुसार EPFO के सूचना सेवा विभाग में कई साल से भर्ती नहीं हुई है और फुल टाइम CTO भी नहीं है.

EPFO के सूचना सेवा विभाग में कई साल से भर्ती नहीं हुई है.

Highlights

  • EPFO केइंफॉर्मेशन सर्विस डिवीजन में 2004 के बाद सीधी भर्ती नहीं होने का दावा.
  • CITES सिस्टम के बाद भी लाखों ऑटो क्लेम 20 दिन से ज्यादा लंबित रहने का दावा.
  • EPF ऑफिसर एसोसिएशन ने फुल टाइम CTO की नियुक्ति और मौजूदा काम के हिसाब से स्टाफ की संख्या बढ़ाने की मांग की है.

EPFO की सर्विस को बेहतर बनाने को लेकर EPF ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार से बड़ी मांग की है. संगठन ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से ज्यादा टेक्नोक्रेट और प्रोफेशनल्स की भर्ती करने की अपील की है. संगठन का कहना है कि EPFO आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम चला रहा है, लेकिन उसके पास पर्याप्त आईटी रिसोर्स नहीं हैं. कई साल से इंफॉर्मेशन सर्विस डिवीजन में सीधी भर्ती नहीं हुई है. ऐसे में डिजिटल सिस्टम और कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है.

IT डिपार्टमेंट में लंबे समय से भर्ती नहीं

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, EPF ऑफिसर एसोसिएशन के मुताबिक EPFO के इंफॉर्मेशन सर्विस डिवीजन में कई साल से कोई सीधी भर्ती नहीं हुई है. संगठन ने बताया कि इस विभाग में आखिरी सीधी भर्ती 2004 में हुई थी. इसके बाद कई Joint Director और Deputy Director या तो रिटायर हो गए या नौकरी छोड़ चुके हैं. उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं. संगठन का कहना है कि इससे EPFO की आंतरिक तकनीकी क्षमता कमजोर हुई है.

तीन साल से फुल टाइम CTO भी नहीं

अधिकारियों के संगठन ने दावा किया है कि EPFO पिछले तीन साल से फुल टाइम Chief Technology Officer यानी CTO की नियुक्ति भी नहीं कर पाया है. इसके कारण इंफॉर्मेशन सर्विस डिवीजन सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहा है. संगठन ने कहा कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए बाहरी एजेंसी की मदद लेना ठीक है. लेकिन बाहरी एजेंसी के काम की निगरानी और जांच के लिए EPFO के अंदर पर्याप्त टेक्निकल एक्सपर्ट होना जरूरी है. इसके बिना डिजिटल सिस्टम की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है.

नए IT सिस्टम के बाद भी क्लेम में देरी

EPFO ऑफिसर एसोसिएशन ने Centralised IT Enabled System यानी CITES को लेकर भी सवाल उठाए हैं. इस सिस्टम का मकसद क्लेम की प्रक्रिया को ऑटोमेट करना और पेमेंट का समय घटाकर 2 से 3 दिन करना था. संगठन के मुताबिक इसके उलट कई ऑटो क्लेम 20 दिन से ज्यादा समय तक लंबित रहे. संगठन ने कहा कि फील्ड ऑफिस और EPFO सदस्यों को इन लंबित क्लेम की वजह भी स्पष्ट नहीं की गई. इससे सदस्यों की परेशानी और शिकायतें बढ़ रही हैं.

शिकायतों का बोझ भी कर्मचारियों पर बढ़ा

संगठन ने कहा कि EPFO के फील्ड स्तर के कर्मचारियों को लगातार बढ़ती शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है. सदस्य आधिकारिक शिकायत पोर्टल, सोशल मीडिया और सीधे कार्यालयों के जरिए अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं. कर्मचारियों के पास इन शिकायतों को संभालने के लिए पर्याप्त तकनीकी और संसाधन नहीं हैं.

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सरकार से क्या मांग कर रहा संगठन

EPF ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार से EPFO में टेक्नोक्रेट और प्रोफेशनल्स की भर्ती बढ़ाने की मांग की है. संगठन चाहता है कि इंफॉर्मेशन सर्विस डिवीजन में पर्याप्त एक्सपर्ट नियुक्त किए जाएं और फुल टाइम CTO की नियुक्ति की जाए. इसके साथ ही काम के मौजूदा बोझ के हिसाब से स्टाफ की जरूरत का नया आकलन करने की मांग की गई है. संगठन ने तकनीक को लगातार अपग्रेड करने और ज्यादा प्रक्रियाओं को सही तरीके से ऑटोमेट करने पर भी जोर दिया है.