IPO की राह मे फ्लिपकार्ट ने पूरा किया एक और कदम, जानें- कब तक बाजार में लिस्ट हो सकती है कंपनी

यह रीस्ट्रक्चरिंग फ्लिपकार्ट के कॉरपोरेट डोमिसाइल को उसके भारत-फोकस्ड ऑपरेशन्स के साथ अलाइन करती है. फ्लिपकार्ट भारत के सबसे बड़े डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक बन गया है, जो 500 मिलियन से अधिक कस्टमर्स को सर्विस देता है.

फ्लिपकार्ट. Image Credit: @Tv9

वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी होल्डिंग कंपनी का डोमिसाइल सिंगापुर से वापस भारत में शिफ्ट करने का प्रोसेस पूरा कर लिया है. यह एक अहम स्ट्रक्चरल कदम है, क्योंकि कंपनी घरेलू पब्लिक लिस्टिंग के करीब पहुंच रही है. फ्लिपकार्ट के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट को अपनी इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अब फ्लिपकार्ट ग्रुप की होल्डिंग एंटिटी है.’

अगले फेज का इंतजार

प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘इससे फ्लिपकार्ट ग्रुप का भारत में रीडोमिसिलिएशन पूरा हो गया है, जो एक अहम पड़ाव है और भारत के प्रति हमारे गहरे और लंबे समय के कमिटमेंट को दिखाता है. हम भारत सरकार के सपोर्ट के लिए शुक्रगुजार हैं और पूरी तरह से भारतीय कंपनी के तौर पर फ्लिपकार्ट की ग्रोथ के अगले फेज का इंतजार कर रहे हैं.

दूर हो गई स्ट्रक्चरल रुकावट

यह रीस्ट्रक्चरिंग फ्लिपकार्ट के कॉरपोरेट डोमिसाइल को उसके भारत-फोकस्ड ऑपरेशन्स के साथ अलाइन करती है और घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की चाहत रखने वाली विदेशों में इनकॉरपोरेटेड कंपनियों के लिए एक बड़ी स्ट्रक्चरल रुकावट को दूर करती है.

IPO की तैयारी

रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिपकार्ट ने भारत में पब्लिक लिस्टिंग के बारे में जानने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, जेपी मॉर्गन और कोटक महिंद्रा कैपिटल समेत कई इन्वेस्टमेंट बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत शुरू कर दी है, हालांकि यह प्रोसेस अभी शुरुआती स्टेज में है.

मनीकंट्रोल ने इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया कि कंपनी 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत तक लिस्टिंग का टारगेट रख सकती है. यह बिजनेस की तैयारी और मार्केट की स्थितियों पर निर्भर करेगा.

2007 में शुरुआत फिर वॉलमार्ट का कंट्रोल

2007 में बेंगलुरु में सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने फ्लिपकार्ट शुरू की थी, लेकिन शुरुआती साल में इसने अपना होल्डिंग स्ट्रक्चर सिंगापुर में शिफ्ट कर दिया था, जो ग्लोबल वेंचर कैपिटल तक आसान एक्सेस चाहने वाले भारतीय स्टार्टअप्स के बीच एक आम बात है. कंपनी पर अभी अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट का कंट्रोल है, जिसने 2018 में फ्लिपकार्ट में मेजॉरिटी स्टेक खरीदा था, जो उस समय भारत के रिटेल सेक्टर में सबसे बड़ा फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट था.

भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म

इन वर्षों में, फ्लिपकार्ट भारत के सबसे बड़े डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक बन गया है, जो 500 मिलियन से अधिक कस्टमर्स को सर्विस देता है और देश भर में 1.6 मिलियन से ज्यादा सेलर्स को इनेबल करता है. इसकी लॉजिस्टिक्स ब्रांच ईकार्ट देश भर में 22,000 से अधिक पिन कोड पर डिलीवरी करती है.

रीडोमिसिलिंग भारतीय टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के बीच एक बड़े बदलाव को भी दिखाता है, जो अपनी होल्डिंग स्ट्रक्चर को वापस भारत में लाना चाहते हैं, क्योंकि देश के कैपिटल मार्केट डीप हो रहे हैं और अधिक से अधिक नए जमाने की कंपनियां घरेलू लिस्टिंग के लिए तैयारी कर रही हैं.

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