IPO बाजार 2 साल के निचले स्तर पर, पाइपलाइन में 3 लाख करोड़ के इश्यू; जानें कब लौट सकती है चमक
2026 के पहले पांच महीनों में भारत का IPO बाजार सुस्त नजर आया है. बाजार में उतार- चढ़ाव, वैश्विक तनाव और ऊंचे वैल्यूएशन के कारण कई कंपनियों ने अपने IPO टाल दिए हैं. इस साल अब तक कंपनियों ने करीब 56 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है. हालांकि NSE, Jio Platforms और Zepto जैसे बड़े IPO से साल की दूसरी छमाही में बाजार में तेजी लौटने की उम्मीद जताई जा रही है.
IPO Market India: देश में 2026 के पहले पांच महीनों में IPO मार्केट की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है. बाजार में उतार चढ़ाव, वैश्विक तनाव और हाई वैल्यूएशन के कारण कई कंपनियों ने अपने लिस्टिंग प्लान टाल दिए हैं. इस साल अब तक कंपनियों ने IPO के जरिए करीब 56 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 82 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा था. जानकारों का कहना है कि निवेशकों का रुझान अब केवल मुनाफा कमाने वाली और मजबूत कारोबारी मॉडल वाली कंपनियों की तरफ बढ़ रहा है. हालांकि बाजार में अभी भी 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के IPO पाइपलाइन में मौजूद हैं.
2026 में क्यों धीमा पड़ा
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल IPO बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू कारणों का असर दिखा है. ईरान से जुड़े तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया है. इसके अलावा विदेशी निवेशकों का रुख भी कमजोर हुआ है. इसी वजह से कई कंपनियों ने अपने IPO की योजना फिलहाल टाल दी है.
पिछले साल के मुकाबले काफी कम जुटी अमाउंट
आंकडों के अनुसार 2026 के पहले पांच महीनों में IPO के जरिए करीब 56 हजार 322 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं. पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 82 हजार 678 करोड़ रुपये था. हालांकि यह 2023 के मुकाबले अभी भी काफी ज्यादा है. 2023 में इसी दौरान केवल 12 हजार 281 करोड़ रुपये ही जुटाए गए थे.
निवेशकों की सोच में आया बदलाव
जानकारों का कहना है कि अब निवेशक केवल तेज ग्रोथ की कहानी पर भरोसा नहीं कर रहे हैं. वे ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनका कारोबार मजबूत हो, मुनाफा स्थिर हो और वैल्यूएशन उचित हो. फरवरी और मार्च के दौरान IPO सब्सक्रिप्शन में भी भारी गिरावट देखी गई. जहां 2025 की दूसरी छमाही में औसत सब्सक्रिप्शन 38 गुना था, वहीं इस साल यह करीब 2 गुना तक सिमट गया.
दूसरी छमाही में आ सकते हैं बड़े IPO
जानकारों का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में IPO बाजार में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है. खासकर NSE, Jio Platforms और Zepto जैसे बड़े IPO बाजार में नई जान डाल सकते हैं. हालांकि जानकारों का कहना है कि सुधार सभी कंपनियों के लिए समान नहीं रहेगा. छोटे IPO को अब भी निवेशकों से पैसा जुटाने में मुश्किल आ सकती है.
पाइपलाइन में इतने करोड़ का IPO
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल करीब 144 कंपनियों को सेबी की मंजूरी मिल चुकी है और वे लगभग 1 लाख 75 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं. इसके अलावा 63 और कंपनियां रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं. इन सभी को मिलाकर बाजार में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के IPO पाइपलाइन में हैं.
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