Jio IPO: 10 लाख करोड़ का साम्राज्य, Google-Meta भी भरेंगे जेब, जानें 44 लाख शेयरहोल्डर्स को क्या फायदा?
RIL AGM में मुकेश अंबानी ने अपनी टेलीकॉम कंपनी Jio के IPO का ऐलान कर दिया है. बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है. इस इश्यू से Meta-Google जैसी कंपनियों को मुनाफा होना तय है. जानते हैं RIL के 44 लाख निवेशकों को इसका क्या फायदा मिलेगा?
Jio IPO Size and Valuation: रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी सहायक कंपनी जियो का पब्लिक ऑफर लाने की तैयारी कर रही है. Tracxn के मुताबिक Silver Lake, Google, Intel और Meta जैसी कंपनियों ने Jio में 120 अरब डॉलर यानी करीब 10.44 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. जाहिर तौर पर कंपनी का वैल्यूएशन और बढ़ सकता है. लेकिन, अगर 120 अरब डॉलर के वॅल्यूएशन पर भी IPO लाया जाता है, तो यह दलाल स्ट्रीट के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा, जिसका आकार 50 हजार करोड़ से ज्यादा हो सकता है.
कितना बड़ा होगा IPO का साइज?
IPO कितना बड़ा होगा, यह अभी तय नहीं है. लेकिन, कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन पर अगर Jio की तरफ से 5 फीसदी इक्विटी डाइल्यूशन कर IPO लाया जाता है, तो यह करीब 6 अरब डॉलर होगा. इस तरह यह अब तक का सबसे बड़ा इश्यू होगा. यह साइज पिछले साल Hyundai India के 28,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आईपीओ से लगभग दोगुना होगा.
Meta और Google को मिलेगा एग्जिट का मौका
2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने करीब 20 अरब डॉलर जुटाए थे, जिसमें Meta Platforms और Alphabet (Google) जैसे ग्लोबल दिग्गजों ने निवेश किया था. उस वक्त कंपनी का वैल्यूएशन करीब 58 अरब डॉलर आंका गया था. अब IPO इन निवेशकों को आंशिक एग्जिट का मौका देगा और उनके लिए मोटा मुनाफा लेकर आएगा.
RIL शेयरहोल्डर्स के लिए कैसा रहेगा गेम?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो और रिलायंस रिटेल की लिस्टिंग RIL के लिए शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में बड़ा कैटेलिस्ट साबित हो सकती है. इससे शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉक होगी. हालांकि, दोनों यूनिट्स के अलग-अलग लिस्ट होने के बाद RIL शेयर पर होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट (Holdco discount) भी लागू हो सकता है, जिससे फायदा आंशिक रूप से कम हो सकता है.
SEBI की नई गाइडलाइन से राहत
IPO के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा मार्केट रेग्युलेटर SEBI के फ्लोटेशन रूल्स थे. मौजूदा नियमों के तहत 5% का अनिवार्य फ्लोट रखने से जियो का इश्यू 6 अरब डॉलर से ज्यादा का हो जाता, जिसे भारतीय बाजार आसानी से पचा नहीं पाते. अब SEBI ने कंपनियों के लिए, जिनकी वैल्यू 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है, इस थ्रेशोल्ड को घटाकर 2.5% करने का प्रस्ताव दिया है. इससे जियो का इश्यू साइज घटकर लगभग 3 अरब डॉलर तक भी रह सकता है, जो बाजार के लिए कहीं ज्यादा सहज होगा.
आगे का रास्ता
जियो और रिलायंस रिटेल की अलग-अलग लिस्टिंग, RIL की री-रेटिंग और वैल्यू अनलॉकिंग के लिहाज से ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकती है. लेकिन, शेयरहोल्डर्स को यह भी समझना होगा कि लंबे समय में होल्डको डिस्काउंट उनके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है.
तेजी से ग्रोथ कर रही कंपनी
Reliance Jio (RJio) लगातार मजबूत ग्रेाथ रिपोर्ट कर रही है. खासतौर पर नए सब्सक्राइबर जुड़ रहे हैं. ARPU में ग्रोथ है. इसके अलावा होम ब्रॉडबैंड कस्टमर बेस भी बढ़ रहा है. इसके अलावा RJio Deep Technological क्षमताएं रखती है, जिससे इन-हाउस टेक स्टैक का फायदा भी मिल रहा है. इसके अलावा कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ की उम्मीद कर रही है.