Rupee vs Dollar: टैरिफ टेंशन से ऑल टाइम लो पर रुपया, 61 पैसे की कमजोरी के साथ 88.19 पर बंद

पहली बार रुपया 88 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. शुक्रवार को रुपये में 61 पैसे की कमजोरी आई. डॉलर की तुलना में रुपये के मूल्य में कमी के पीछे भारत-अमेरिका के बीच जारी टैरिफ टेंशन है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपये में गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है.

ऑल टाइम लो पर रुपया Image Credit: money9live

Rupee vs Dollar के ट्रेड में शुक्रवार को रुपये में बड़ी कमजोरी देखने को मिली है. इतिहास में पहली बार रुपया 88.19 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ. रुपये में कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारत-अमेरिका के बीच जारी टैरिफ तनाव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने टैरिफ प्लान के तहत चाहते हैं कि भारत उसकी कंपनियों के लिए अपने एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर को खोले. लेकिन, भारत ने साफ कर दिया है कि इस मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है. यही वजह है कि दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है.

फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ की वजह से ट्रेड डेफिसिट बढ़ने और रुपये की डिमांड घटने की वजह से रुपये में कमजोरी आ रही है. इसके अलावा भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली की वजह से डॉलर का आउटफ्लो भी बढ़ा है, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है.

कैसा रहा इंट्राडे मूवमेंट

इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 87.73 पर खुला, लेकिन दिनभर कमजोर होकर 88.33 के निचले स्तर तक गया और अंत में 88.19 पर बंद हुआ. यह अब तक का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले 10 फरवरी, 2025 को रुपया 87.95 तक गया था. वहीं, डॉलर इंडेक्स 0.14% बढ़कर 97.94 पर पहुंच गया. वहीं ब्रेंट क्रूड भी 0.76% गिरकर USD 68.10 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर में अमेरिकी फेड की ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के बीच डॉलर कमजोर हो सकता है, जिससे रुपये को थोड़ी राहत मिल सकती है.”

मार्केट सेंटिमेंट का असर

रुपये पर घरेलू इक्विटी मार्केट के सेंटिमेंट्स का भी असर देखने को मिला. बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 79,809.65 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 74 अंक टूटकर 24,426.85 पर आ गया. विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को 3,856 करोड़ की बिकवाली की, जिससे दबाव और बढ़ गया.

क्या है सरकार का रुख?

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि सरकार जल्द ही एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने और घरेलू इंडस्ट्री को सपोर्ट देने के लिए कदम उठाएगी. उन्होंने एक्सपोर्टर्स को भरोसा दिलाया कि मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितताओं से निपटने में सरकार पूरी मदद करेगी.

क्या है एक्सपर्ट की राय?

Mirae Asset Sharekhan के करेंसी एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, “रुपये का रुझान कमजोर रह सकता है. USD-INR स्पॉट प्राइस 87.90 से 88.70 की रेंज में रह सकता है.