Jio IPO का प्राइस बैंड तय, एक लॉट में 12 शेयर; 30213 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान, जानें- हर बड़े अपडेट्स

Jio IPO Price Band: ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है. पनी लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना देगा.

जियो के आईपीओ Image Credit: Canva/Money9live

Highlights

  • 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे.
  • एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग सोमवार, 19 अक्टूबर को होगी.
  • निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी.

Jio IPO Price Band: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. इस प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, कंपनी लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना देगा. इस IPO में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे.

कब खुलेगा जियो का आईपीओ?

जियो के पब्लिक ऑफर का सब्सक्रिप्शन बुधवार, 21 अक्टूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा. रिलायंस की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग सोमवार, 19 अक्टूबर को होगी.

कर्मचारियों को मिलेगी छूट

फाइलिंग में बताया गया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड की IPO समिति ने बुधवार को हुई एक बैठक में इस प्राइस बैंड को मंजूरी दी. कर्मचारी रिजर्व कोटे के तहत बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी.

निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी और उसके बाद 12 के मल्टीपल में बोली लगानी होगी. अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से, एक लॉट की कीमत 13,428 रुपये होगी.

जुटाए जाएंगे 30,213 करोड़ रुपये

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है. अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से, इससे कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे. यह राशि हुंडई मोटर इंडिया के IPO रिकॉर्ड से लगभग 8 फीसदी अधिक है. हुंडई का 2024 में आया 27,858.75 करोड़ रुपये का IPO अब तक सबसे बड़ा था.

सबसे बड़ा आईपीओ

यह राशि लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के 20,557.23 करोड़ रुपये के IPO से भी लगभग 47 फीसदी अधिक है. हालांकि, जियो का यह ऑफर स्ट्रक्चर के मामले में उन दोनों से अलग है. हुंडई का इश्यू पूरी तरह से उसकी पैरेंट कंपनी द्वारा ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) था, और LIC का इश्यू भी सरकार द्वारा ‘ऑफर फॉर सेल’ के रूप में लाया गया था.

इस IPO में केवल फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे. इसमें ‘ऑफर फॉर सेल’ का कोई हिस्सा नहीं होगा. इसलिए, इससे मिलने वाली पूरी रकम कंपनी के पास जाएगी, न कि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों के पास. शेयरों के 28 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है.

इश्यू में दो रिजर्व हिस्सा

फाइलिंग के अनुसार, इस इश्यू में दो रिजर्व हिस्से शामिल हैं. योग्य JPL कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और योग्य रिलायंस शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा रिजर्व होगा. ये वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) हैं जिनके पास 14 अक्टूबर तक रिलायंस के शेयर थे.

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

जून में फाइल किए गए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में JPL का ऑपरेशन्स से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.6 फीसदी बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 1,28,218 करोड़ रुपये था. इसका नेट प्रॉफिट 15.1 फीसदी बढ़कर 30,049 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 26,109 करोड़ रुपये था. FY24 में रेवेन्यू 1,09,558 करोड़ रुपये था और प्रॉफिट 21,423 करोड़ रुपये था.

पैसे का क्या करेगी कंपनी?

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में कहा गया था कि इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम (RJIL) की कुछ उधारी को समय से पहले चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. चूंकि यह ऑफर पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू है, इसलिए पैसा कंपनी को जाएगा, न कि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को.

रिलायंस रिटेल, जियो की प्री-पेड सेवाओं का एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर है, और इसके जरिए होने वाला प्री-पेड रेवेन्यू FY26 में ऑपरेशन्स से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू का 77.08 फीसदी था. JPL ने 19 जून को अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया. IPO से पहले JPL में रिलायंस की हिस्सेदारी 66.43 फीसदी थी. मेटा और गूगल की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 17.7 फीसदी है.

इस इश्यू के लिए 19 बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, BofA सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स और JP मॉर्गन शामिल हैं, जबकि KFin टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.