NSE IPO में कौन लगा सकता है पैसा? पुराने शेयरहोल्डर्स को क्या मिलेगा, 15 सवालों के जवाब से दूर करें कन्फ्यूजन

NSE IPO को लेकर निवेशकों के मन में कई सवाल हैं. क्या मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स इस IPO में आवेदन कर सकते हैं, कितना पैसा लगा सकते हैं और क्या उन्हें कोई अलग कोटा मिलेगा? IPO 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा. यह पूरी तरह Offer for Sale यानी OFS है, इसलिए NSE को IPO से मिलने वाला पैसा नहीं मिलेगा.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

Highlights

  • मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स भी IPO में आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए कोई अलग शेयरहोल्डर कोटा नहीं है.
  • IPO पूरी तरह OFS है.
  • NSE के शेयर सिर्फ BSE पर लिस्ट होंगे.

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का बहुप्रतीक्षित IPO अब खुलने वाला है. IPO को लेकर निवेशकों में काफी उत्सुकता है, लेकिन इसके साथ कई सवाल भी हैं. खासकर मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स के मन में यह सवाल है कि क्या वे भी IPO में आवेदन कर सकते हैं और क्या उन्हें कोई खास फायदा मिलेगा.

NSE IPO 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा. एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 16 सितंबर को खुलेगा. आइए जानते हैं NSE IPO से जुड़े 15 अहम सवालों के आसान जवाब.

1. क्या मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स IPO में आवेदन कर सकते हैं?

इसका जवाब है हां, मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स भी IPO में आवेदन कर सकते हैं. वे दूसरे पात्र निवेशकों की तरह रिटेल, नॉन-इंस्टीट्यूशनल और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर कैटेगरी में बोली लगा सकते हैं.

हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. NSE IPO में मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए अलग से कोई शेयरहोल्डर कोटा नहीं रखा गया है. इसके अलावा उनका निवेश नियामकीय हिस्सेदारी सीमा और दूसरी जरूरी शर्तों के अधीन रहेगा.

2. NSE IPO कब खुलेगा?

NSE IPO में निवेश के लिए बोली 17 सितंबर, गुरुवार से शुरू होगी और 21 सितंबर, सोमवार को बंद होगी. एंकर निवेशक एक दिन पहले 16 सितंबर को इसमें हिस्सा ले सकेंगे यानी निवेशकों के पास आवेदन करने और पात्र बोली में बदलाव करने के लिए सीमित समय होगा.

3. NSE IPO कितना बड़ा है?

NSE IPO में 12,64,36,650 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश यानी OFS होगी. हर शेयर का फेस वैल्यू 1 रुपये है. इस IPO में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं. यानी पूरा इश्यू मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी बेचने का ऑफर है. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर IPO का आकार ₹22,000 करोड़ से ज्यादा है.

4. क्या NSE को IPO का पैसा मिलेगा?

नहीं. यह इस IPO की सबसे अहम बातों में से एक है. क्योंकि यह पूरा IPO OFS है, इसलिए शेयरों की बिक्री से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा. यह रकम उन मौजूदा शेयरहोल्डर्स को जाएगी, जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.

5. NSE के शेयर कहां लिस्ट होंगे?

NSE के शेयर सिर्फ BSE पर लिस्ट होंगे. इस IPO के लिए BSE को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है. NSE पर ही NSE के शेयर लिस्ट क्यों नहीं हो सकते? इसकी वजह नियामकीय नियम हैं. लागू नियमों के तहत कोई मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज अपने ही ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपनी सिक्योरिटीज को लिस्ट नहीं कर सकता.

6. IPO के शेयर किस तरह बांटे जाएंगे?

NSE IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB को नेट ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा मिल सकता है. नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स यानी NIB के लिए कम से कम 15% हिस्सा रखा गया है, जबकि रिटेल इंडिविजुअल बिडर्स के लिए कम से कम 35% हिस्सा रिजर्व है.

7. क्या NSE कर्मचारियों के लिए अलग कोटा है?

हां. NSE कर्मचारियों के लिए अलग Employee Reservation Portion रखा गया है. इसकी सीमा ₹70 करोड़ तक है. यह हिस्सा पोस्ट-ऑफर इक्विटी कैपिटल के 5% तक सीमित है. पात्र कर्मचारी लागू शर्तों और किसी कर्मचारी छूट के प्रावधान के अधीन अधिकतम ₹5 लाख तक आवेदन कर सकते हैं.

8. NSE के शेयर कौन बेच रहा है?

इस OFS में NSE के कई मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी समेत अन्य शेयरहोल्डर्स शामिल हैं.

9. रिटेल निवेशक NSE IPO में कितना पैसा लगा सकते हैं?

रिटेल इंडिविजुअल बिडर में व्यक्तिगत निवेशक शामिल होते हैं. इसमें पात्र HUF और NRI भी शामिल हैं. इस कैटेगरी में कुल बोली की रकम ₹2 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

10. नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए क्या नियम हैं?

NIB कैटेगरी को दो हिस्सों में बांटा गया है. 2 लाख से 10 लाख रुपये के बीच बोली लगाने वाले छोटे NIB को NIB हिस्से का एक-तिहाई हिस्सा मिलेगा. बाकी दो-तिहाई हिस्सा बड़े NIB के लिए होगा, जिनकी बोली ₹10 लाख से ज्यादा है.

11. NSE IPO के लिए पेमेंट कैसे करना होगा?

पब्लिक निवेशकों को ASBA यानी Application Supported by Blocked Amount व्यवस्था के जरिए आवेदन करना होगा. इसमें आवेदन की रकम निवेशक के बैंक खाते में ब्लॉक रहती है. वहीं, 5 लाख रुपये तक की रकम के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों को UPI के जरिए पेमेंट करना होगा.

12. क्या NSE के शेयर खरीदने पर हिस्सेदारी की कोई सीमा है?

हां. किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी में कोई व्यक्तिगत भारतीय निवासी शेयरहोल्डर बिना SEBI की पूर्व मंजूरी के 5% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकता. कुछ संस्थागत संस्थाएं 15% तक हिस्सेदारी रख सकती हैं. वहीं, कुल गैर-निवासी हिस्सेदारी की सीमा 49% है.

13. ‘फिट एंड प्रॉपर’ का क्या मतलब है?

जिन निवेशकों के पास 2% या उससे ज्यादा हिस्सेदारी है और लागू नियमों के तहत आने वाले संभावित बोलीदाताओं को ‘फिट एंड प्रॉपर’ यानी पात्र और उपयुक्त होने की शर्त पूरी करनी होगी. इसके लिए उन्हें Bid-cum-Application Form में जरूरी घोषणा भी करनी होगी.

14. क्या IPO की बोली वापस ली जा सकती है?

रिटेल निवेशक और पात्र कर्मचारी IPO बंद होने वाले दिन शाम 5 बजे तक अपनी बोली में बदलाव कर सकते हैं या उसे वापस ले सकते हैं. हालांकि, QIB और NIB निवेशक आवेदन जमा करने के बाद अपनी बोली वापस नहीं ले सकते और न ही बोली की रकम कम कर सकते हैं.

15. NSE की इक्विटी कैपिटल कितनी है?

NSE के हर इक्विटी शेयर का फेस वैल्यू ₹1 है. ऑफर से पहले और ऑफर के बाद कंपनी के पास 2.475 अरब यानी 247.5 करोड़ चुकता इक्विटी शेयर होंगे.

NSE IPO में निवेशकों को सबसे जरूरी बात क्या समझनी चाहिए?

NSE IPO को लेकर सबसे अहम बात यह है कि मौजूदा NSE शेयरहोल्डर्स भी इसमें आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें कोई अलग शेयरहोल्डर कोटा नहीं मिलेगा. यह पूरा IPO OFS है, इसलिए NSE को इससे कोई पैसा नहीं मिलेगा. इसके अलावा NSE के शेयर सिर्फ BSE पर लिस्ट होंगे. रिटेल निवेशकों के लिए ₹2 लाख तक की बोली की सीमा है, जबकि NSE कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये तक का अलग रिजर्व रखा गया है.

NSE IPO पर क्यों है इतनी नजर?

NSE IPO इस हफ्ते शेयर बाजार का सबसे बड़ा इश्यू रहने वाला है. IPO खुलने से पहले ही निवेशकों के बीच इसे लेकर काफी चर्चा है. अब नजर इस बात पर भी रहेगी कि इश्यू किस कीमत पर आता है और लिस्टिंग के समय NSE के शेयर को बाजार से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है.

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