NSE IPO में आज मिलेगा दांव लगाने का आखिरी मौका, दो दिन में 1.16 गुना हुआ सब्सक्राइब; जानें GMP का हाल

NSE IPO का आज बिडिंग का आखिरी दिन है. 22,569 करोड़ रुपये के IPO को दूसरे दिन तक 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. रिटेल कैटेगरी में 72%, NII कैटेगरी में 1.68 गुना और QIB कैटेगरी में 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ है. NSE IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर है और लॉट साइज 8 शेयरों का है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज IPO Image Credit: ai/canva

Highlights

  • NSE IPO सोमवार को बिडिंग के तीसरे और आखिरी दिन में पहुंच गया है.
  • NSE IPO को दूसरे दिन तक कुल 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है.
  • रिटेल कैटेगरी में 72% और QIB कैटेगरी में 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ है.

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE का 22,569 करोड़ रुपये का IPO सोमवार को बिडिंग के तीसरे और आखिरी दिन में पहुंच गया है. दूसरे दिन तक इस इश्यू को कुल मिलाकर 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था. NSE IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. IPO में 8 शेयरों का लॉट साइज है. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम एप्लिकेशन की रकम 14,280 रुपये बनती है.

रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी अभी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं

दूसरे दिन NSE IPO को कुल 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.16 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व 4.41 करोड़ शेयरों में से 72% शेयरों के लिए बोली मिली है. वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में 1.89 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में 2.52 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया.

NSE IPO की बिडिंग 21 सितंबर को बंद हो जाएगी. शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि NSE के शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है.

GMP करीब 3%, 1,833 रुपये तक पहुंचने का अनुमान

इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल 48 रुपये है. अपर प्राइस बैंड 1,785 रुपये के मुकाबले करीब 3% की लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है. इस GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब 1,833 रुपये प्रति शेयर बनता है. हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और यह वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है.

पूरा IPO है OFS

NSE का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS है. 22,569 करोड़ रुपये के इस इश्यू में कुल 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री की जा रही है.

IPO से मिलने वाला पूरा पैसा NSE को नहीं मिलेगा, बल्कि यह रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स के पास जाएगी. अपर प्राइस बैंड पर NSE की पोस्ट-इश्यू मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

NSE का बिजनेस मॉडल

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और ट्रेडिंग, क्लियरिंग, लिस्टिंग, डेटा सर्विसेज और इंडेक्स लाइसेंसिंग जैसी सर्विसेज उपलब्ध कराता है. इसके प्लेटफॉर्म पर कैश मार्केट, फ्यूचर्स, ऑप्शंस, म्यूचुअल फंड्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, होलसेल डेट मार्केट और इंटरेस्ट रेट फ्यूचर्स जैसे प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं.

FY01 से FY26 तक NSE ने कैश मार्केट टर्नओवर और इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर के मामले में भारत में टॉप पोजिशन बनाए रखी है. जून 2026 तक NSE पर 132.4 मिलियन यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स, 1,328 ट्रेडिंग मेंबर्स और 3,005 लिस्टेड एंटिटीज थीं. इन कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 474.1 ट्रिलियन रुपये था.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.