JIO के IPO पर बड़ा अपडेट, इस महीने ड्राफ्ट पेपर फाइल कर सकती है RIL; जानें- क्या है तैयारी
JIO IPO: मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि ईरान में युद्ध के कारण बाजार में आई गिरावट की वजह से इस समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया गया. 31 मार्च को खत्म होने वाले भारत के फाइनेंशियल ईयर के नतीजे Jio की परफॉर्मेंस की ज्यादा ताजा तस्वीर पेश करेंगे.

JIO IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जियो प्लेटफॉर्म के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर गतिविधियां तेज हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज मई में Jio Platforms Ltd. के पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कर सकती है, जिसमें पूरे वित्त वर्ष की कमाई शामिल होगी. रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले इस समूह ने पहले दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए मार्च के अंत तक फाइलिंग जमा करने का लक्ष्य रखा था.
बढ़ाई गई डेडलाइन
मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि ईरान में युद्ध के कारण बाजार में आई गिरावट की वजह से इस समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया गया. जियो का पब्लिक ऑफर भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है और लगभग दो दशकों में रिलायंस की किसी बड़ी यूनिट की पहली पब्लिक पेशकश होगी.
लोगों ने बताया कि रिलायंस अभी अपनी कमाई के आंकड़े जारी होने से पहले ‘साइलेंट पीरियड’ में है, जो अगले हफ्ते आने वाले हैं. इसलिए इस दौरान कोई भी फाइलिंग होने की संभावना कम है.
फाइनेंशियल ईयर के नतीजे
लोगों ने बताया कि 31 मार्च को खत्म होने वाले भारत के फाइनेंशियल ईयर के नतीजे Jio की परफॉर्मेंस की ज्यादा ताजा तस्वीर पेश करेंगे. इसमें हाल ही में बढ़े सब्सक्राइबर्स और ‘हर यूजर से औसत कमाई’ (ARPU) जैसे अहम पैमाने के नए आंकड़े शामिल होंगे. लोगों के मुताबिक, इससे निवेशकों के सामने इस ऑफरिंग को ज्यादा बेहतर तरीके से पेश करने में मदद मिल सकती है.
रिलायंस ने 19 मर्चेंट बैंकों को नियुक्त किया
रिलायंस ने पिछले महीने औपचारिक रूप से IPO की तैयारियां शुरू कर दीं, और इस इश्यू को मैनेज करने के लिए 19 मर्चेंट बैंकों को नियुक्त किया. इस मामले से परिचित लोगों ने बताया है कि कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली, JM फाइनेंशियल लिमिटेड, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक., HSBC होल्डिंग्स Plc, बैंक ऑफ अमेरिका कॉर्प. और सिटीग्रुप इंक. को सलाहकार की भूमिकाओं के लिए चुना गया है.
लोगों ने बताया कि इसकी संरचना और समय-सीमा से जुड़ी जानकारियों पर अभी भी चर्चा चल रही है और इनमें बदलाव हो सकता है.
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