RIL बना घाटे का सौदा, 3 महीने में डुबोए 3 लाख करोड़, 11 फीसदी गिरा स्टॉक; अब क्या है फ्यूचर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर इस साल दबाव में नजर आ रहे हैं और 2026 में अब तक निवेशकों की करीब 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट चुकी है. हालांकि कुछ ब्रोकरेज हाउस अब भी इस स्टॉक को लेकर सकारात्मक हैं. उनका मानना है कि कंपनी के कई कारोबार और संभावित जियो आईपीओ भविष्य में ग्रोथ के नए मौके पैदा कर सकते हैं.
Reliance Industries Share: देश की सबसे बड़ी और सबसे मूल्यवान कंपनियों में गिनी जाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर इस साल निवेशकों को निराश करते नजर आए हैं. बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज हुई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा असर पड़ा है. हालांकि दूसरी ओर कुछ ब्रोकरेज हाउस अब भी इस स्टॉक को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं और उनका मानना है कि आने वाले समय में कंपनी के अलग-अलग कारोबार से ग्रोथ के नए मौके बन सकते हैं.
इस साल शेयर में गिरावट, निवेशकों की दौलत घटी
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2026 में अब तक करीब 11 फीसदी गिर चुका है. इस गिरावट की वजह से निवेशकों की करीब 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो चुकी है. कंपनी का मार्केट कैप अभी भी करीब 19 लाख करोड़ रुपये के आसपास है, लेकिन शेयर की सुस्त चाल ने निवेशकों को चिंता में जरूर डाला है.
विश्लेषकों का कहना है कि शेयर में आई कमजोरी का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के मुख्य कारोबार कमजोर हो गए हैं. बल्कि यह एक तरह का ट्रांजिशन फेज माना जा रहा है, जिसमें कंपनी कई नए क्षेत्रों में बड़े निवेश कर रही है.
गिरावट की क्या हैं वजहें
बाजार के जानकारों के मुताबिक शेयर पर दबाव की कुछ बड़ी वजहें हैं. इनमें रिफाइनिंग मार्जिन में कमजोरी, कई नए प्रोजेक्ट्स में भारी कैपेक्स और फिलहाल बड़े ग्रोथ ट्रिगर का साफ तौर पर नजर न आना शामिल है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज आज सिर्फ ऑयल और पेट्रोकेमिकल कंपनी नहीं रह गई है. कंपनी टेलीकॉम, रिटेल और न्यू एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रही है. इन अलग-अलग कारोबारों की वजह से कंपनी को मजबूत कैश फ्लो मिलता रहा है, लेकिन अब कंपनी का आकार इतना बड़ा हो गया है कि छोटे-छोटे बदलावों से शेयर की कीमत में बड़ा असर तुरंत दिखाई नहीं देता.
CLSA ने दी ‘Outperform’ रेटिंग
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाया है. ब्रोकरेज ने इस स्टॉक को “Outperform” रेटिंग देते हुए 1800 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में आने वाले समय में ग्रोथ देखने को मिल सकती है. खास तौर पर कंपनी के डिजिटल, रिटेल और न्यू एनर्जी कारोबार भविष्य में बड़े वैल्यू क्रिएशन का आधार बन सकते हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भविष्य में Jio का IPO आता है तो इससे रिलायंस के शेयर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. उल्टा इससे कंपनी के अलग-अलग कारोबारों की वैल्यू और स्पष्ट हो सकती है. इससे निवेशकों को जियो में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा और रिलायंस के अन्य कारोबारों की असली वैल्यू भी सामने आ सकती है.
गिरावट में खरीदारी का मौका?
ब्रोकरेज के अनुसार रिलायंस अब डिजिटल सर्विसेज, FMCG, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और न्यू एनर्जी जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है. सोलर, हाइड्रोजन और बैटरी टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कंपनी बड़े निवेश कर रही है. विश्लेषकों का मानना है कि इन नए क्षेत्रों में विस्तार लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ को मजबूत आधार दे सकता है.
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BNK Sec के हेड रिसर्च रचित खंडेलवाल का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में गिरावट आने पर 1240 से 1280 रुपये के बीच निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है. तकनीकी नजरिए से देखा जाए तो शेयर में आगे चलकर 1600 रुपये, 1860 रुपये और 2000 रुपये तक के स्तर देखने को मिल सकते हैं, बशर्ते बाजार की स्थितियां अनुकूल रहें और कंपनी के ग्रोथ ट्रिगर काम करें.
इस तरह फिलहाल शेयर में कमजोरी जरूर दिख रही है, लेकिन कई विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि के नजरिए से रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी बाजार के सबसे मजबूत कारोबार समूहों में शामिल है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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