NHPC OFS से ₹4600 करोड़ मिलने की उम्मीद, पहले दिन 3.47 गुना सब्सक्राइब; सरकार ने पूरे ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल किया
इस 'फ्लोर प्राइस' पर, हिस्सेदारी बेचने से सरकार को लगभग 4,650 करोड़ रुपये तक मिलने की उम्मीद है. NHPC एक नवरत्न पीएसयू है और भारत की लीडिंग हाइड्रोपावर प्रोड्यूसर कंपनी है, जिसकी सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट में उपस्थिति लगातार बढ़ रही है.
NHPC Ltd में सरकार के ‘ऑफर फॉर सेल‘ (OFS) को पहले ही दिन निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. यह इशू 3.47 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसके चलते केंद्र सरकार ने पूरे ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ का इस्तेमाल करने का फैसला किया. सरकार ने सोमवार को OFS का ऐलान किया था. इसमें NHPC में अपनी इक्विटी का 3 फीसदी हिस्सा बेचने का ‘बेस ऑफर’ रखा गया था, और अगर अधिक सब्सक्रिप्शन मिलता तो 3 फीसदी का अतिरिक्त ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ भी शामिल था.
इस ऑफर के लिए ‘फ्लोर प्राइस’ 71 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था, जो कि स्टॉक के पिछले क्लोजिंग प्राइस 77.19 रुपये से लगभग 8 फीसदी कम था.
लीडिंग हाइड्रोपावर प्रोड्यूसर कंपनी
इस ‘फ्लोर प्राइस’ पर, हिस्सेदारी बेचने से सरकार को लगभग 4,650 करोड़ रुपये तक मिलने की उम्मीद है. NHPC एक नवरत्न पीएसयू है और भारत की लीडिंग हाइड्रोपावर प्रोड्यूसर कंपनी है, जिसकी सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट में उपस्थिति लगातार बढ़ रही है.
निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर, निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (Dipam) के सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि OFS में निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई. पहले ही दिन शेयरों के लिए मिली बोलियां, ऑफर किए गए शेयरों से 3.47 गुना अधिक थीं. उन्होंने कहा कि शेयरों का अलॉटमेंट ‘प्राइस प्रायरिटी’ के आधार पर किया जाएगा.
ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि जबरदस्त मांग को देखते हुए, सरकार ने पूरे ग्रीनशू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है, जिससे NHPC की इक्विटी में हिस्सेदारी बेचने का आकार बढ़कर 6 फीसदी हो गया है. OFS 2 जून को नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खुला, जबकि रिटेल निवेशक और योग्य कर्मचारी 3 जून को बोली लगा सकते हैं.
कितनी है सरकार की हिस्सेदारी?
DIPAM की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार के पास फिलहाल NHPC में 67.4% हिस्सेदारी है, जो 6.77 अरब शेयरों के बराबर है. पिछले दिन के बंद भाव के आधार पर, सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 52,259 करोड़ रुपये है, जबकि NHPC का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 77,538 करोड़ रुपये है.
डिसइनवेस्टमेंट प्रोग्राम
OFS के पूरा होने के बाद, सरकार की शेयरहोल्डिंग घटकर लगभग 6.17 अरब शेयर होने की उम्मीद है. हिस्सेदारी बेचने के बावजूद सरकार NHPC में 61.4% हिस्सेदारी के साथ मेजॉरिटी स्टेकहोल्डर बनी रहेगी. इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से FY27 के लिए केंद्र सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. सरकार ने FY27 में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. सरकार OFS के जरिए NHPC में अपनी शेयरहोल्डिंग का कुछ हिस्सा कम कर रही है.
इससे पहले सरकार ने Coal India Ltd में भी हिस्सेदारी बेची थी, जिसमें ऑफर-फॉर-सेल (OFS) को पहले ही दिन बिक्री के लिए रखे गए शेयरों से आठ गुना ज्यादा बोलियां मिली थीं.
OFS का इस्तेमाल
NHPC का OFS, सरकार द्वारा Coal India Ltd और Central Bank of India में OFS लॉन्च किए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया. इस साल सरकार OFS के रास्ते का अधिक सक्रियता से इस्तेमाल कर रही है, ताकि ज्यादा रेवेन्यू जुटाया जा सके और साथ ही सरकारी कंपनियों में सार्वजनिक शेयरधारिता को भी बेहतर बनाया जा सके.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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