दूसरे दिन तक 60% सब्सक्राइब हुआ Shadowfax Technologies IPO, रिटेल कैटेगरी में दिखी सबसे ज्यादा हलचल; जानें GMP का हाल

Shadowfax Technologies IPO निवेशकों के बीच चर्चा में बना हुआ है. दूसरे दिन तक यह आईपीओ कुल 60 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है, जिसमें रिटेल कैटेगरी में सबसे ज्यादा 1.64 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया है. वहीं QIB और NII कैटेगरी की सब्सक्रिप्शन फिलहाल कमजोर बनी हुई है.

Shadowfax टेक आईपीओ Image Credit: money9live.com

Shadowfax Technologies IPO: भारतीय आईपीओ मार्केट में इन दिनों Shadowfax Technologies IPO चर्चा में है. बुधवार 21 जनवरी को इसके सब्सक्रिप्शन का दूसरा दिन था. यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20 जनवरी को खुला था. अब इसमें दांव लगाने का एक दिन और मौका मिलेगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि दूसरे दिन तक यह कितना सब्सक्राइब हुआ है और GMP क्या संकेत दे रहा है.

कितना हुआ सब्सक्राइब

Shadowfax Technologies IPO दूसरे दिन तक कुल 60 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है. इसमें सबसे ज्यादा हलचल रिटेल कैटेगरी में देखने को मिली है, जहां यह 1.64 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसके अलावा QIB कैटेगरी में 0.38 गुना और NII कैटेगरी में 0.33 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया है.

क्या है प्राइस बैंड

Shadowfax Technologies का यह आईपीओ कुल 1,907 करोड़ रुपये का है, जो 22 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा. कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 118 रुपये से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया है. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का कुल वैल्यूएशन 7,100 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है. यह इश्यू दो हिस्सों में बंटा है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 907.27 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है.

कैसा है GMP का हाल

अगर GMP की बात करें तो बुधवार को Shadowfax Technologies IPO के GMP में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. investorgain के मुताबिक, GMP बुधवार को 4 रुपये से गिरकर 0.5 रुपये पर पहुंच गया है. GMP के अनुसार, यह अपने प्राइस 124 रुपये के मुकाबले 124.5 रुपये पर लिस्ट हो सकता है. ऐसे में निवेशकों को केवल 0.40 फीसदी के लिस्टिंग गेन की उम्मीद है. रिटेल निवेशकों को एक लॉट पर करीब 60 रुपये के मुनाफे की संभावना बन रही है.

फंड का इस्तेमाल और कारोबार

फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, नए फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल केंद्रों के लिए लीज भुगतान, सॉर्टेशन सेंटर विकसित करने, ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों को बढ़ाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी. Shadowfax भारत में ई-कॉमर्स एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी और वैल्यू-ऐडेड लॉजिस्टिक्स सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत नाम बन चुकी है.

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डिसक्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.