AMFI Data: दिसंबर में इक्विटी फंडों में इनफ्लो 6% घटा, ₹28054 करोड़ रहा निवेश, गोल्ड ETFs में ₹11646 करोड़ बढ़े
निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. एक कैटेगरी से भारी निकासी हुई, जबकि कुछ चुनिंदा स्कीम्स में ही पैसा टिका रहा. ब्याज दरों, बाजार की अनिश्चितता और शॉर्ट टर्म जरूरतों ने निवेश फैसलों को साफ तौर पर प्रभावित किया है.
Mutual fund outflow December: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे वैल्यूएशन के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों की चाल में बदलाव साफ दिखने लगा है. दिसंबर 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, जबकि डेट और हाइब्रिड कैटेगरी में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला. इसके उलट, पैसिव फंड्स और गोल्ड ETFs में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक तेज होती नजर आई.
इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश घटा
दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में कुल निवेश 6 फीसदी घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया, जो नवंबर में 29,911 करोड़ रुपये था. सालाना आधार पर गिरावट और ज्यादा रही. दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में इक्विटी फंड इनफ्लो करीब 32 फीसदी कम रहा. हालांकि पूरे कैलेंडर ईयर 2025 की बात करें तो इक्विटी फंड्स में कुल 3.03 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया.
| Scheme Name | Net Inflow (+ve) / Outflow (-ve) (₹ करोड़) |
|---|---|
| Multi Cap Fund | 2,254.95 |
| Large Cap Fund | 1,567.42 |
| Large & Mid Cap Fund | 4,093.51 |
| Mid Cap Fund | 4,175.81 |
| Small Cap Fund | 3,823.82 |
| Dividend Yield Fund | -254.32 |
| Value / Contra Fund | 1,088.51 |
| Focused Fund | 1,056.82 |
| Sectoral / Thematic Funds | 945.99 |
| ELSS | -717.73 |
| Flexi Cap Fund | 10,019.27 |
| Total | 28,054.06 |
इक्विटी फंड्स की 11 सब-कैटेगरी में से 9 में दिसंबर के दौरान निवेश आया. इस लिस्ट में फ्लेक्सी-कैप फंड्स सबसे आगे रहे. दिसंबर में इस कैटेगरी में रिकॉर्ड 10,019 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इसके बाद मिडकैप फंड्स में 4,175 करोड़ और लार्ज एंड मिडकैप फंड्स में 4,093 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया गया.
स्मॉलकैप और सेक्टोरल फंड्स में सुस्ती
स्मॉलकैप फंड्स में दिसंबर में 13 फीसदी की मासिक गिरावट देखने को मिली और इनमें 3,823 करोड़ रुपये का निवेश आया. वहीं सेक्टोरल फंड्स में निवेश लगभग आधा रह गया. नवंबर के 1,864 करोड़ रुपये के मुकाबले दिसंबर में सिर्फ 945 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ. डिविडेंड यील्ड फंड्स और ELSS फंड्स में क्रमशः 254 करोड़ और 717 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई.
दिसंबर में डेट म्यूचुअल फंड्स से 1.32 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई. यह नवंबर की तुलना में कहीं ज्यादा रही. 16 डेट कैटेगरी में से सिर्फ ओवरनाइट और फ्लोटर फंड्स में निवेश आया, जबकि बाकी सभी में आउटफ्लो रहा. लिक्विड फंड्स से सबसे ज्यादा 47,307 करोड़ रुपये और मनी मार्केट फंड्स से 40,464 करोड़ रुपये की निकासी हुई. हालांकि पूरे 2025 में डेट फंड्स में कुल मिलाकर 1.19 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज हुआ.
| Scheme Name | Net Inflow (+ve) / Outflow (-ve) (₹ करोड़) |
|---|---|
| Overnight Fund | 254.25 |
| Liquid Fund | -47,307.95 |
| Ultra Short Duration Fund | -17,648.16 |
| Low Duration Fund | -10,245.99 |
| Money Market Fund | -40,464.36 |
| Short Duration Fund | -5,689.61 |
| Medium Duration Fund | -229.31 |
| Medium to Long Duration Fund | -187.96 |
| Long Duration Fund | -1,303.17 |
| Dynamic Bond Fund | -843.08 |
| Corporate Bond Fund | -7,419.51 |
| Credit Risk Fund | -172.61 |
| Banking and PSU Fund | -976.09 |
| Gilt Fund | -796.19 |
| Gilt Fund with 10 year constant duration | -103.07 |
| Floater Fund | 722.44 |
| Total | -1,32,410.37 |
हाइब्रिड फंड्स में दिसंबर के दौरान 19 फीसदी की मासिक गिरावट रही और इनमें 10,755 करोड़ रुपये का निवेश आया. मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स इस कैटेगरी में सबसे आगे रहे, जहां 7,425 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज हुआ.
पैसिव और गोल्ड ETFs में बढ़ी चमक
दिसंबर में इंडेक्स फंड्स और ETFs जैसी अन्य स्कीम्स में निवेश 74 फीसदी उछलकर 26,723 करोड़ रुपये पहुंच गया. खास बात यह रही कि गोल्ड ETFs में निवेश एक महीने में 211 फीसदी बढ़ गया और 11,646 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज हुआ. दिसंबर के आखिर में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल AUM 1 फीसदी घटकर 79.98 लाख करोड़ रुपये रह गया.
दिसंबर में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी गोल्ड ETFs में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी. नवंबर के मुकाबले इनफ्लो तीन गुना से ज्यादा उछलकर 11,646.74 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 3,742 करोड़ रुपये था. यह साफ संकेत देता है कि दिसंबर में निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में आई सुस्ती के बीच सोने की ओर अपना निवेश बढ़ाया.