कम क्रेडिट स्कोर बना सकता है लोन महंगा, सुधार के लिए अपनाए ये आसान तरीके; ना करें ये गलती
600 से कम क्रेडिट स्कोर होने पर लोन मिलना मुश्किल हो सकता है या ब्याज दर ज्यादा लग सकती है. हर व्यक्ति साल में एक बार मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट जांच सकता है. समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड पेमेंट स्कोर सुधारने में सबसे अहम है. कुल क्रेडिट लिमिट का 30 फीसदी से कम यूज करना चाहिए. बार- बार नए लोन के लिए आवेदन से बचें.
Credit Score: अगर आप लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर सबसे अहम भूमिका निभाता है. 600 से कम स्कोर होने पर बैंक और NBFC सतर्क हो जाते हैं. इससे लोन रिजेक्ट हो सकता है या ब्याज दर ज्यादा लग सकती है. कई बार कम क्रेडिट लिमिट भी मिलती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपका क्रेडिट स्कोर आपके लोन को कितना महंगा या सस्ता बनाता है. आइए जानें इसे कैसे जांचें और कैसे बेहतर करें.
600 से कम स्कोर क्यों बनता है परेशानी
अगर आपका क्रेडिट स्कोर 600 से नीचे है तो लेंडर आपको जोखिम भरा ग्राहक मान सकते हैं. ऐसी स्थिति में लोन आवेदन खारिज हो सकता है. अगर लोन मिलता भी है तो ब्याज दर ज्यादा हो सकती है. इससे आपको लंबे समय में ज्यादा पैसा चुकाना पड़ता है. इसलिए अच्छा स्कोर रखना फायदेमंद है.
क्रेडिट स्कोर कैसे जांचें
हर व्यक्ति को साल में एक बार प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो से मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट पाने का अधिकार है. इसके लिए संबंधित एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है. वहां पैन नंबर, जन्म तिथि और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद रिपोर्ट तुरंत या 24 घंटे में मिल जाती है. बड़े लोन से पहले रिपोर्ट जरूर जांच लें.
समय पर पेमेंट सबसे जरूरी
क्रेडिट स्कोर में सबसे ज्यादा महत्व आपके समय पर पेमेंट का होता है. एक भी EMI या क्रेडिट कार्ड पेमेंट चूकने से स्कोर पर नेगेटिव असर पड़ सकता है. केवल मिनिमम अमाउंट भरना तत्काल जुर्माने से बचा सकता है, लेकिन ब्याज बढ़ता रहता है. इसलिए हर पेमेंट समय पर और पूरा करना बेहतर है.
क्रेडिट यूज और नए लोन पर कंट्रोल
आपको अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का 30 फीसदी से कम उपयोग करना चाहिए. ज्यादा यूज यह दिखाता है कि आप क्रेडिट पर ज्यादा निर्भर हैं. साथ ही बार-बार नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन करने से हार्ड जांच होती है. कम समय में ज्यादा आवेदन स्कोर को अस्थायी रूप से घटा सकते हैं.
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पुराने खाते और सिक्योर्ड लोन का सहारा
पुराने क्रेडिट कार्ड या लोन खाते जल्दबाजी में बंद न करें. अगर उनका पेमेंट रिकॉर्ड अच्छा है तो वे आपके प्रोफाइल को मजबूत बनाते हैं. अगर स्कोर कम है और अनसिक्योर्ड लोन नहीं मिल रहा तो फिक्स्ड डिपॉजिट या सोने के बदले सिक्योर्ड लोन लिया जा सकता है. समय पर पेमेंट से धीरे-धीरे स्कोर सुधरता है.
