दशहरा में कर्मचारियों को मिलेगा 3 गुना ज्यादा बोनस! क्या ₹7000 की जगह ₹21000 पर होगा कैलकुलेशन

दशहरा बोनस 2026 को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है. National Council JCM Staff Side ने बोनस की कैलकुलेशन लिमिट ₹7000 से बढाकर ₹21000 करने की मांग की है. अगर सरकार इसे मंजूर करती है तो बोनस का कैलकुलेशन बेस तीन गुना हो सकता है.लेबर मिनिस्ट्री के नए नोटिफिकेशन से इस मांग को आधार मिला है.

दशहरा बोनस 2026 को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अपडेट सामने आया है. Image Credit: FreePik

Highlights

  • बोनस कैलकुलेशन की लिमिट ₹7000 से बढ़ाकर ₹21000 करने की मांग की गई है.
  • मांग मंजूर होने पर बोनस का कैलकुलेशन बेस तीन गुना हो सकता है.
  • 8th Pay Commission के बाद न्यूनतम वेतन बढ़ने पर बोनस लिमिट भी बढ़ सकती है.

Dussehra Bonus 2026: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए दशहरा बोनस 2026 से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. बोनस की कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली सैलरी लिमिट को बढ़ाने की मांग की गई है. National Council JCM Staff Side ने सरकार से इसे ₹7000 से बढ़ाकर ₹21000 करने की मांग की है. अगर सरकार इस मांग को मंजूर करती है तो बोनस की कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाला वेतन बेस तीन गुना हो सकता है. इसका सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस पर पड़ सकता है. यह मांग ऐसे समय आई है जब 8th Pay Commission भी सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की समीक्षा कर रहा है.

₹7000 की जगह ₹21000

अभी बोनस की कैलकुलेशन के लिए ₹7000 की लिमिट लागू है. लेकिन National Council JCM Staff Side ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर ₹21000 किया जाए. कर्मचारी संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन ₹21000 होने के कारण बोनस की कैलकुलेशन के लिए भी इसी रकम को आधार बनाया जाना चाहिए. अगर सरकार इसे स्वीकार करती है तो ₹7000 की मौजूदा लिमिट के मुकाबले कैलकुलेशन का बेस तीन गुना हो जाएगा.

कितना हो सकता है फायदा

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उस बोनस पर पड़ सकता है जो केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को दशहरा के आसपास देती है. अगर बोनस की कैलकुलेशन ₹7000 की जगह ₹21000 पर होती है तो समान बोनस दर के मामले में बोनस की रकम भी करीब तीन गुना तक बढ़ सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को सीधे तीन गुना बोनस मिलेगा. रियल बोनस इस बात पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी किस तरह के बोनस के लिए पात्र है और सरकार की ओर से जारी होने वाले अंतिम आदेश में क्या नियम तय किए जाते हैं.

जारी हुआ नया नोटिफिकेशन

इस मांग के पीछे 25 अगस्त 2026 कोलेबर मिनिस्ट्री की ओर से जारी गजेटेड नोटिफिकेशन S.O. 4710(E) अहम है. नोटिफिकेशन के अनुसार अगर बोनस के लिए पात्र कर्मचारी की मजदूरी ₹7000 प्रति महीने से ज्यादा है तो बोनस की कैलकुलेशन ₹7000 या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन में से जो ज्यादा होगा उस आधार पर की जाएगी. यह प्रावधान 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है. इसी आधार पर कर्मचारी संगठन अब सरकार से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए संशोधित लिमिट को लागू करने की मांग कर रहा है.

8th Pay Commission से क्या है कनेक्शन

इस पूरे मामले का 8th Pay Commission से भी सीधा संबंध है. 8th Pay Commission सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पूरी वेतन व्यवस्था में बदलाव की सिफारिश कर सकता है. अगर भविष्य में न्यूनतम वेतन बढ़ता है तो मौजूदा नोटिफिकेशन के नियम के तहत बोनस की कैलकुलेशन की लिमिट भी अपने आप ऊपर जा सकती है. यानी बोनस की लिमिट किसी एक फिक्स रकम पर अटकने के बजाय न्यूनतम वेतन से जुड़ी रह सकती है.

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स्टॉफ साइड ने कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजी मांग

National Council JCM Staff Side की ओर से 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र भेजकर बोनस कैलकुलेशन की लिमिट बढाने की मांग की गई. यह मुद्दा 11 मई 2026 को हुई National Council JCM की 49वीं बैठक में भी उठाया गया था. उस समय सरकार की ओर से कहा गया था कि Code on Wages 2019 के तहत लिमिट में बदलाव होने के बाद इस मांग पर विचार किया जा सकता है. अबलेबर मिनिस्ट्री की ओर से नया नोटिफिकेशन आने के बाद कर्मचारी संगठन ने सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग की है.