EPFO ने जारी किए 1.49 लाख PPO, ज्यादा पेंशन के लिए 15 लाख से ज्यादा क्लेम, जानें पूरा अपडेट
EPFO ने ज्यादा पेंशन के लिए 1 लाख 49 हजार 806 पेंशन पेमेंट ऑर्डर जारी किए हैं. लेबर मिनिस्ट्री के अनुसार ज्यादा वेतन पर ज्यादा पेंशन के लिए 15 लाख 24 हजार 365 क्लेम मिले हैं. इनमें 5 अगस्त 2026 तक 11 हजार 595 क्लेम लंबित थे. 31 मार्च 2026 तक EPS के तहत 85 लाख 84 हजार 604 पेंशनर्स थे.
Highlights
- EPFO ने ज्यादा पेंशन के लिए 1 लाख 49 हजार 806 पेंशन पेमेंट ऑर्डर जारी किए हैं.
- ज्यादा वेतन पर ज्यादा पेंशन के लिए 15 लाख 24 हजार 365 क्लेम मिले हैं.
- 5 अगस्त 2026 तक 11 हजार 595 क्लेम लंबित थे.
EPFO से जुड़े पेंशनर्स के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है. लेबर मिनिस्ट्री ने लोकसभा में बताया कि ज्यादा योगदान के आधार पर ज्यादा पेंशन के लिए 1 लाख 49 हजार 806 पेंशन पेमेंट ऑर्डर जारी किए गए हैं. यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के फैसले के बाद शुरू हुई थी. ज्यादा वेतन पर ज्यादा पेंशन के लिए 15 लाख 24 हजार 365 क्लेम मिले हैं. इनमें से 5 अगस्त 2026 तक 11 हजार 595 क्लेम लंबित थे.
ज्यादा पेंशन के लिए कितने क्लेम मिले
सरकार ने लोकसभा में बताया कि ज्यादा वेतन पर ज्यादा योगदान के आधार पर ज्यादा पेंशन के लिए कुल 15 लाख 24 हजार 365 क्लेम मिले हैं. इनमें से 5 अगस्त 2026 तक 11 हजार 595 क्लेम लंबित थे. वहीं रिटायर्ड आवेदकों के लिए 1 लाख 49 हजार 806 PPO जारी किए जा चुके हैं. यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के फैसले के आधार पर की गई है.
EPS में 85 लाख से ज्यादा पेंशनर्स
मंत्रालय के अनुसार 31 मार्च 2026 तक कर्मचारी पेंशन योजना के तहत कुल 85 लाख 84 हजार 604 पेंशनर्स थे. इस योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक कुल 15,819.28 करोड़ रुपये की पेंशन बांटी जा चुकी है. सरकार का कहना है कि EPFO योजनाओं के सदस्यों को मजबूतसोशल सिक्योरिटी देना उसकी प्राथमिकता है. साथ ही फंड की स्थिरता और भविष्य की देनदारियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है.
EPS में न्यूनतम 1000 रुपये की पेंशन
सरकार EPS के तहत पेंशनर्स को हर महीने कम से कम 1000 रुपये की पेंशन देती है. इसके लिए सरकार बजटीय सहायता भी देती है. इसके अलावा EPS में सरकार की ओर से वेतन का 1.16 फीसदी बजटीय योगदान दिया जाता है. यह योगदान 15 हजार रुपये महीने तक के वेतन पर लागू है. योजना में नियोक्ता की ओर से वेतन का 8.33 फीसदी योगदान भी शामिल होता है.
ईपीएफ निकासी के नियमों में भी बदलाव
लेबर मिनिस्ट्री ने बताया कि EPFO ने समय से पहले अंतिम ईपीएफ सेटलमेंट के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि लागू की है. वहीं EPS से जुड़े निकासी लाभ के लिए 36 महीने की प्रतीक्षा अवधि रखी गई है. दूसरी ओर आंशिक निकासी और एडवांस के नियमों को आसान बनाया गया है. सदस्य जरूरी जरूरतों, घर और विशेष परिस्थितियों के लिए अपने बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकते हैं.
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साल में 2 बार बिना कारण 75 फीसदी निकासी
सरकार के अनुसार सदस्य विशेष परिस्थितियों में साल में 2 बार अपने ईपीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकते हैं. इसके लिए कारण बताना जरूरी नहीं है. इस सुविधा का इस्तेमाल बेरोजगारी से जुड़े खर्च, मेडिकल जरूरत, शिक्षा और घर से जुड़ी जरूरतों के लिए किया जा सकता है. इससे ईपीएफ सदस्यों को जरूरत के समय अपनी जमा राशि तक आसानी से पहुंच मिल सकती है.
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