नौकरी बदलने में छूट गया HRA क्लेम? ITR में ऐसे करें सुधार, मिल जाएगा रिफंड, ये है प्रोसेस
अगर आपने नौकरी बदलने के कारण HRA क्लेम नहीं किया है, तो भी ITR फाइल करते समय इसका फायदा लिया जा सकता है. इसके लिए हर महीने के आधार पर सैलरी, किराया और HRA का अलग-अलग कैलकुलेशन करना होगा. सही दस्तावेज रखना जरूरी है, वरना टैक्स नोटिस आ सकता है.

HRA Claim in ITR: अगर आपने पिछले वित्त वर्ष में कई बार नौकरी बदली और अपने एम्प्लॉयर के जरिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करना भूल गए, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप अब भी अपना HRA एग्जेम्प्शन इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय क्लेम कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों और सावधानियों को समझना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं.
नौकरी बदलने पर भी मिल सकता है HRA का फायदा
नियमों के मुताबिक, अगर आपने एक ही साल में तीन बार नौकरी बदली है और हर नौकरी में आपकी बेसिक सैलरी अलग-अलग रही है, तब भी आप HRA का लाभ ले सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि आपको हर नौकरी से HRA मिला हो और आप किराए के घर में रह रहे हों.
किन शर्तों को पूरा करना जरूरी है?
रिपोर्ट के मुताबिक, HRA छूट क्लेम करने के लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. इनमें,
- आपको HRA मिलना चाहिए.
- आप किराए के घर में रह रहे हों.
- जिस घर में रह रहे हैं, वह आपकी खुद की संपत्ति नहीं होनी चाहिए.
- आपने ओल्ड टैक्स रिजीम चुना हो.
हर महीने के हिसाब से होगा कैलकुलेशन
HRA की छूट का कैलकुलेशन हर महीने के आधार पर किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी सैलरी, HRA और किराया हर नौकरी के साथ बदल सकता है. इसलिए हर जॉब पीरियड के लिए अलग-अलग बेसिक सैलरी और किराए के आधार पर छूट निकाली जाएगी.
ITR फाइल करते समय कैसे करें क्लेम?
अगर आपने अपने एम्प्लॉयर को रेंट रसीद (rent receipts) या दूसरी दस्तावेज नहीं दिए हैं, तो भी आप ITR फाइल करते समय HRA क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए आपको हर नौकरी के दौरान मिली बेसिक सैलरी और दिए गए किराए का अलग-अलग हिसाब रखना होगा और उसी के आधार पर छूट का दावा करना होगा. हालांकि इसके लिए आपको अपने सभी रेंट रिसीट्स संभालकर रखने चाहिए. अगर आपका केस स्क्रूटनी के लिए चुना जाता है, तो असेसिंग ऑफिसर आपसे ये दस्तावेज मांग सकता है.
टैक्स नोटिस आने की संभावना क्यों बढ़ती है?
क्योंकि आपके नियोक्ता द्वारा रिपोर्ट की गई टैक्सेबल सैलरी और आपके ITR में दिखाई गई सैलरी में अंतर हो सकता है, इसलिए इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है. ऐसी स्थिति में आपको सही जानकारी और दस्तावेज देकर इस अंतर को समझाना होगा. इसलिए ITR फाइल करते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है.
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