अब इन 8 तरह के ट्रांजैक्शन पर नहीं देने होंगे PAN कार्ड, कैश डिपॉजिट से लेकर प्रॉपर्टी डील तक शामिल, देखें लिस्ट

सरकार ने इनकम टैक्स नियम 2026 के तहत PAN कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव किए हैं. नए नियमों के अनुसार अब कुछ लेनदेन में PAN देना जरूरी नहीं होगा, जबकि कई मामलों में नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं. कैश डिपॉजिट, प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री, होटल पेमेंट और बीमा प्रीमियम समेत 8 बड़े ट्रांजैक्शन के नियम बदल गए हैं.

Transactions Without Pan Card : सरकार ने नए इनकम टैक्स नियम 2026 के तहत PAN कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव किए हैं. कुछ ट्रांजैक्शन में PAN दिखाने की जरूरत कम कर दी गई है, जबकि कई मामलों में नियम पहले से ज्यादा सख्त हो गए हैं. साथ ही, बिना PAN वालों के लिए इस्तेमाल होने वाला Form 60 अब हटाकर नया Form 97 लागू किया गया है. प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री, कैश जमा, इंश्योरेंस प्रीमियम और होटल पेमेंट जैसे कई क्षेत्रों में नए नियम लागू होंगे.

कैश जमा और निकासी के नियम बदले

पहले बैंक में एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा नकद जमा करने पर PAN देना जरूरी था. अब यह नियम हटा दिया गया है. वहीं, सालभर में कैश जमा की रिपोर्टिंग सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है. दूसरी ओर, साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा नकद निकासी अब PAN रिपोर्टिंग के दायरे में आएगी.

प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में PAN सीमा बढ़ी

अब किसी संपत्ति की खरीद या बिक्री पर PAN दिखाने की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है. वहीं, प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग सीमा 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 45 लाख रुपये कर दी गई है.

45 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील में PAN अनिवार्य

नए नियमों के अनुसार, 45 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील में PAN होना जरूरी होगा. पहले कई मामलों में Form 60 देकर काम चल जाता था, लेकिन अब यह छूट खत्म कर दी गई है. गिफ्ट डीड और Joint Development Agreement (JDA) भी इस दायरे में शामिल किए गए हैं.

विदेश यात्रा और फॉरेक्स नियमों में बदलाव

विदेश यात्रा खर्च और विदेशी मुद्रा खरीद के लिए अलग PAN कैटेगरी को हटा दिया गया है. हालांकि, यदि किसी एक लेनदेन में 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च होता है, तो वह सामान और सेवाओं की खरीद की सामान्य कैटेगरी में रिपोर्ट हो सकता है. फॉरेक्स लेनदेन के लिए PAN होने और न होने पर अलग-अलग रिपोर्टिंग सीमा लागू होगी.

इंश्योरेंस प्रीमियम और स्टांप पेपर पर बढ़ी निगरानी

इंश्योरेंस कंपनियों को अब PAN धारकों के लिए 5 लाख रुपये से ज्यादा और बिना PAN वालों के लिए 2.5 लाख रुपये से ज्यादा प्रीमियम की जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी. वहीं, स्टांप पेपर खरीद पर भी नजर रखी जाएगी. PAN वालों के लिए 2 लाख और बिना PAN वालों के लिए 1 लाख रुपये की सीमा तय की गई है.

होटल, बैंक्वेट हॉल और इवेंट पेमेंट पर सख्ती

होटल और रेस्टोरेंट में नकद भुगतान पर PAN की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है. अब बैंक्वेट हॉल, कन्वेंशन सेंटर और इवेंट मैनेजर भी इस नियम के दायरे में आएंगे. बड़े आयोजनों में नकद भुगतान करने वालों पर ज्यादा निगरानी रहेगी.

वाहन खरीद और बैंक ड्राफ्ट नियमों में बदलाव

5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहन खरीदने पर PAN की जरूरत पहले की तरह जारी रहेगी. अब इसमें दोपहिया वाहन भी शामिल किए गए हैं, जबकि ट्रैक्टर को बाहर रखा गया है. वहीं, बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर और बैंकर्स चेक के लिए रोजाना PAN दिखाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है, लेकिन सालाना निगरानी जारी रहेगी.

Form 60 की जगह आया नया Form 97

बिना PAN वाले लोगों के लिए अब Form 60 की जगह नया Form 97 लागू किया गया है. हालांकि, 45 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील में अब Form 97 भी मान्य नहीं होगा और PAN अनिवार्य रहेगा. सरकार का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य छोटे और कम जोखिम वाले लेनदेन को आसान बनाना और बड़े वित्तीय सौदों पर सख्त निगरानी रखना है.

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