GST रेट कट और इनकम टैक्स में राहत, बिगाड़ सकती है सरकार का बजट?
भारत ने महामारी के दौरान 9.2% तक पहुंचे फिस्कल डेफिसिट को घटाकर 4.4% तक लाकर निश्चित रूप से मजबूत फिस्कल कंसोलिडेशन दिखाया है. लेकिन FY27 के लिए कमी की रफ्तार केवल 0.1% रह जाना संकेत देता है कि अब आसान कटौती का चरण खत्म हो चुका है. सरकार के सामने कर्ज का बढ़ता बोझ, ब्याज भुगतान का दबाव और संभावित GST रेट कट या इनकम टैक्स राहत जैसी नीतिगत चुनौतियाँ खड़ी हैं. यदि टैक्स में राहत दी जाती है तो रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है, जिससे डेफिसिट लक्ष्य 4.3% हासिल करना कठिन हो सकता है.
दूसरी ओर 8th Pay Commission जैसी व्यय प्रतिबद्धताएँ खर्च बढ़ा सकती हैं. सरकार RBI डिविडेंड, डिसइन्वेस्टमेंट और 10% नॉमिनल GDP ग्रोथ जैसे कारकों पर भरोसा कर रही है. ये कारक अल्पकाल में राहत दे सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक फिस्कल सस्टेनेबिलिटी के लिए स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ और नियंत्रित व्यय बेहद जरूरी रहेंगे. अंततः संतुलन बनाना ही सबसे बड़ी परीक्षा होगी.
