ओल्ड पेंशन स्कीम पर बड़ा खतरा! PFRDA ने क्या Warning दी?
ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. पेंशन रेगुलेटर Pension Fund Regulatory and Development Authority यानी PFRDA ने OPS मॉडल को लेकर गंभीर वित्तीय चिंताएँ जताई हैं. रेगुलेटर का कहना है कि गैर-अंशदायी पेंशन व्यवस्था लंबे समय में सरकारी खजाने पर भारी बोझ डाल सकती है. PFRDA चेयरमैन Sivasubramanian Ramann ने संकेत दिया कि OPS जैसी स्कीम्स भविष्य की देनदारियों को बढ़ाती हैं, जिससे राज्यों की फिस्कल सस्टेनेबिलिटी प्रभावित हो सकती है. उनका तर्क है कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा और पेंशन भुगतान की स्थायी जिम्मेदारी बजट पर दबाव बना सकती है.
रेगुलेटर का फोकस बाजार-आधारित NPS मॉडल पर है, जहाँ जोखिम और रिटर्न संतुलित रहते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि OPS पर लौटने का फैसला अल्पकाल में आकर्षक दिख सकता है, लेकिन दीर्घकाल में यह राजकोषीय असंतुलन पैदा कर सकता है. पेंशन नीति पर अंतिम निर्णय सरकार का होता है, लेकिन PFRDA की यह चेतावनी वित्तीय अनुशासन की बहस को और मजबूत करती है.
