8वें वेतन आयोग में 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? समझिए पूरा गणित

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कई रिपोर्ट्स में 2.10 फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया गया है, हालांकि सरकार ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. ऐसे में अगर यह लागू होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और कुल मासिक वेतन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है.

8th Pay Commission Image Credit: Money9

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. इसी बीच कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दो अलग-अलग कैलकुलेशन मेथड के आधार पर फिटमेंट फैक्टर 2.10 हो सकता है. हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर 8वें वेतन आयोग में 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है.

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है अहम?

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन तय की जाती है. जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी. हालांकि आखिरी फिटमेंट फैक्टर 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगा.

पहला अनुमान: कैसे निकला 2.10 फिटमेंट फैक्टर?

पहले अनुमान में लेवल-1 कर्मचारी की 18,000 रुपये बेसिक सैलरी के साथ 58% महंगाई भत्ता (डीए), 30% मकान किराया भत्ता (एचआरए) और परिवहन भत्ता को 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार जोड़ा गया है. इस गणना के अनुसार कुल मासिक वेतन 37,080 रुपये बनता है. इसे 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी से विभाजित करने पर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.06 आता है, जिसे गोल करके 2.10 माना गया है.

2.10 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

अगर 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 कर्मचारी की 18,000 रुपये बेसिक सैलरी बढ़कर 37,800 रुपये हो सकती है. इसके बाद यदि 2 फीसदी डीए बढ़ोतरी, संशोधित एचआरए और परिवहन भत्ता भी जोड़ दिया जाए, तो कुल मासिक वेतन करीब 61,344 रुपये तक पहुंच सकता है. इस उदाहरण के अनुसार कुल वेतन में लगभग 65% की बढ़ोतरी हो सकती है.

दूसरा अनुमान भी 2.10 फिटमेंट फैक्टर की ओर इशारा करता है

दूसरे अनुमान में परिवार की यूनिट संख्या को आधार बनाया गया है. यदि परिवार की गणना में माता-पिता को भी शामिल किया जाए, तो फैमिली यूनिट 3.0 से बढ़कर 4.2 हो जाती है. जानकारों के मुताबिक इस आधार पर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.05 निकलता है, जिसे गोल करके 2.10 माना जा सकता है.

क्या होता है ग्रोथ फैक्टर?

ग्रोथ फैक्टर वेतन आयोग का एक अतिरिक्त घटक होता है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार को ध्यान में रखना है. यह महंगाई की भरपाई से अलग होता है और आर्थिक विकास के लाभ को वेतन में शामिल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या वास्तव में 2.10 होगा फिटमेंट फैक्टर?

फिलहाल 2.10 फिटमेंट फैक्टर केवल एक अनुमान है. अलग-अलग जानकारो ने 2.0 से 2.57 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की संभावना भी जताई है. वास्तविक फिटमेंट फैक्टर का पता तभी चलेगा, जब 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और केंद्र सरकार उस पर अंतिम फैसला लेगी.

नोट: इस खबर में दिया गया 2.10 फिटमेंट फैक्टर और उससे जुड़ी सैलरी का गणित केवल एक अनुमान है. सरकार या 8वें वेतन आयोग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

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