EPF vs EPS: EPFO Pension में जमा पैसों पर मिलता है ब्याज? क्या है फॉर्मूला और कब निकाल सकते हैं पैसा
नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) रिटायरमेंट का मजबूत आधार है. हर महीने सैलरी से कटने वाले ईपीएफ पर सालाना ब्याज मिलता है, जो राशि को बढ़ाता है. कर्मचारी और नियोक्ता दोनों बेसिक सैलरी+डीए का 12% ईपीएफ में डालते हैं. नियोक्ता के 12% में से 8.33% ईपीएस में और 3.67% ईपीएफ में जाता है. कर्मचारी का पूरा 12% ईपीएफ में. ईपीएफ पर 2024-25 में 8.25% ब्याज मिलता है, लेकिन ईपीएस फंड पर कोई ब्याज नहीं. ईपीएस 1995 को 19 नवंबर 1995 को लॉन्च किया गया. 58 साल की उम्र और 10 साल सर्विस पर न्यूनतम 1000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है. ईपीएस सरकार गारंटीड पेंशन देती है, लेकिन बिना ब्याज के. ईपीएफ पर कंपाउंडिंग से बड़ा कॉर्पस बनता है. हालिया रिपोर्ट्स में न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये करने की चर्चा है. रिटायरमेंट के लिए ईपीएफ को प्राथमिकता दें. पेंशन फॉर्मूला: (पेंशन योग्य सैलरी × सर्विस साल)/70 बीच में नौकरी छोड़ने पर राशि निकाल सकते हैं या कम पेंशन चुन सकते हैं.
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