Post Office MIS या Mutual Fund; हर महीने कमाई के लिए कहां लगाएं पैसा? जानें कौन सा विकल्प है ज्यादा फायदेमंद?

रेगुलर मंथली इनकम की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए Post Office Monthly Income Scheme और Mutual Fund दोनों अलग-अलग फायदे प्रदान करते हैं. Post Office MIS सरकार सपोर्ट होने के कारण सुरक्षित और निश्चित मासिक इनकम देता है.

Post Office MIS सरकार सपोर्ट होने के कारण सुरक्षित और निश्चित मासिक इनकम देता है. Image Credit: money9live

Post Office MIS Vs Mutual Fund: हर महीने कमाई के लिए कहां लगाएं पैसा? जानें कौन सा विकल्प है ज्यादा फायदेमंद? रेगुलर मंथली इनकम की तलाश करने वाले निवेशकों के बीच Post Office Monthly Income Scheme यानी POMIS एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है. सरकार समर्थित यह योजना निवेशकों को हर महीने निश्चित इनकम प्रदान करती है. दूसरी ओर म्यूचुअल फंड निवेशकों को बेहतर रिटर्न और लंबी अवधि में प्रॉपटी बनाने का अवसर देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि नियमित इनकम चाहने वाले निवेशकों के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है. इसका जवाब निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता, फाइनेंशियल टारगेट और निवेश अवधि पर निर्भर करता है.

Post Office MIS कैसे करता है काम

Post Office MIS एक सरकारी बचत योजना है जिसमें निवेशक एकमुश्त रकम जमा करते हैं. इसके बदले उन्हें हर महीने निश्चित ब्याज के रूप में इनकम मिलती है. वर्तमान में इस योजना पर करीब 7 फीसदी सालाना रिटर्न मिल रहा है. यह राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में जमा होती है. इस वजह से यह योजना रिटायर लोगों और कम रिस्क पसंद करने वाले निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है.

सुरक्षा के मामले में कौन आगे

सुरक्षा के लिहाज से Post Office MIS को मजबूत माना जाता है क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित योजना है. इसमें निवेशकों को क्रेडिट रिस्क का सामना नहीं करना पड़ता. वहीं म्यूचुअल फंड बाजार से जुडे़ होते हैं और इनके रिटर्न बाजार की चाल पर निर्भर करते हैं. इक्विटी म्यूचुअल फंड में उतार- चढ़ाव अधिक हो सकता है. हालांकि लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं.

रिटर्न और महंगाई के मुकाबले कौन बेहतर

Post Office MIS में निवेशकों को निश्चित इनकम मिलती है लेकिन इसकी सबसे बड़ी चुनौती महंगाई है. समय के साथ गुड्स और सर्विस की कीमत बढ़ने से इस इनकम की वास्तविक कीमत कम हो सकती है. दूसरी ओर इक्विटी म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में महंगाई को मात देने की क्षमता रखते हैं. यही वजह है कि वेल्थ क्रिएशन के लिए म्यूचुअल फंड को अधिक प्रभावी माना जाता है.

टैक्स और लिक्विडिटी में क्या है अंतर

Post Office MIS से मिलने वाला ब्याज निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य होता है. इससे रियल रिटर्न कम हो सकता है. वहीं कुछ म्यूचुअल फंड योजनाएं टैक्स के मामले में अधिक फायदेमंद हो सकती हैं. लिक्विडिटी की बात करें तो MIS से समय से पहले पैसा निकालने पर जुर्माना लग सकता है. जबकि कई म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेशक इसके तुलना में आसानी से रकम निकाल सकते हैं.

ये भी पढ़ें- घर के लिए 2.5 लाख रुपये या फिर लोन पर 1.80 लाख की सब्सिडी, चेक करिए क्या आप PMAY 2.0 के लिए हैं पात्र

किस निवेशक के लिए कौन सा विकल्प सही

यदि आपका लक्ष्य हर महीने निश्चित इनकम प्राप्त करना है और आप रिस्क नहीं लेना चाहते तो Post Office MIS बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन यदि आप लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन करना चाहते हैं और बाजार के उतार- चढ़ाव को सहन कर सकते हैं तो म्यूचुअल फंड अधिक सही हो सकते हैं.