₹6 लाख PPF में लगाएं या NSC में? 5 साल बाद किसमें मिलेगा ज्यादा पैसा
सरकार ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए PPF और NSC की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. PPF पर 7.1% और NSC पर 7.7% ब्याज मिल रहा है. 6 लाख रुपये की रकम पर 5 साल का हिसाब देखें तो PPF में करीब 8.45 लाख रुपये और NSC में करीब 8.69 लाख रुपये हो सकते हैं. हालांकि, टैक्स और निवेश सीमा का अंतर भी अहम है.
Highlights
- PPF पर 7.1% और NSC पर 7.7% ब्याज मिल रहा है.
- ₹6 लाख की रकम पर 5 साल का हिसाब देखें तो PPF में करीब ₹8.45 लाख और NSC में करीब ₹8.69 लाख हो सकते हैं.
- हालांकि, टैक्स और निवेश सीमा का अंतर भी अहम है.
PPF vs NSC: अगर किसी निवेशक के पास 6 लाख रुपये हैं और वह इस रकम को सुरक्षित जगह निवेश करना चाहता है, तो Public Provident Fund यानी PPF और National Savings Certificate यानी NSC दो बड़े विकल्प हो सकते हैं. दोनों सरकार की छोटी बचत योजनाएं हैं और इनमें निवेश पर तय ब्याज मिलता है.
23 अगस्त 2026 तक सरकार ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. PPF पर फिलहाल 7.1 फीसदी और NSC पर 7.7 फीसदी ब्याज मिल रहा है. ब्याज दर के हिसाब से NSC फिलहाल PPF से आगे है. लेकिन सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा. PPF का ब्याज टैक्स फ्री है, जबकि NSC के ब्याज पर टैक्स नियम लागू होते हैं. दोनों योजनाओं की निवेश अवधि और दूसरे नियम भी अलग-अलग हैं.
₹6 लाख पर 5 साल में कितना मिलेगा?
अगर 6 लाख रुपये की रकम को केवल समान आधार पर 5 साल के लिए दोनों योजनाओं में तुलना करें तो मौजूदा ब्याज दरों पर NSC में ज्यादा रकम बनती है.
| डिटेल्स | PPF | NSC |
|---|---|---|
| मौजूदा ब्याज दर | 7.1% | 7.7% |
| तुलना के लिए निवेश राशि | ₹6,00,000 | ₹6,00,000 |
| 5 साल बाद अनुमानित रकम | करीब ₹8,45,471 | करीब ₹8,69,420 |
| टैक्स से पहले फायदा | करीब ₹2,45,471 | करीब ₹2,69,420 |
| मैच्योरिटी | 15 साल | 5 साल |
| ब्याज पर टैक्स | टैक्स फ्री | टैक्स के दायरे में |
NSC में करीब ₹24,000 ज्यादा बनेगा
टैक्स से पहले के हिसाब से देखें तो 5 साल की अवधि में NSC, PPF से करीब 23949 रुपये ज्यादा रिटर्न देता है. PPF में 6 लाख रुपये की रकम 5 साल बाद करीब 845471 रुपये हो सकती है. यानी करीब 245471 रुपये का फायदा. वहीं, NSC में यही रकम करीब 869420 रुपये तक पहुंच सकती है. यानी करीब 2,69,420 रुपये का फायदा. इस तरह सिर्फ मौजूदा ब्याज दर और टैक्स से पहले मिलने वाले रिटर्न के आधार पर NSC आगे दिखाई देता है.
लेकिन टैक्स के बाद बदल सकता है पूरा गणित
यहां सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. NSC पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है और निवेशक की टैक्स स्थिति के अनुसार इस पर टैक्स का असर पड़ सकता है. दूसरी ओर, PPF पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है.
इसलिए टैक्स से पहले भले ही NSC करीब 24,000 रुपये ज्यादा देता दिखाई दे, लेकिन अंतिम फैसला लेते समय टैक्स के बाद मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को भी देखना जरूरी है.
PPF में 15 साल का लॉक-इन
PPF को मुख्य रूप से लंबी अवधि में पैसा बनाने के लिए तैयार किया गया है. इसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल है. 15 साल पूरे होने के बाद खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. PPF खाते पर तीसरे वित्त वर्ष से लोन की सुविधा मिलती है. वहीं, सातवें साल से आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है.
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका टैक्स फ्री ब्याज है. हालांकि, इसमें एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही निवेश किए जा सकते हैं.
NSC में 5 साल की मैच्योरिटी
NSC की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है. इसमें मिलने वाला ब्याज सालाना चक्रवृद्धि आधार पर बढ़ता है. NSC में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. हालांकि, Section 80C के तहत मिलने वाली टैक्स छूट कुल लागू सीमा के अनुसार ही होगी.
NSC की एक और अहम बात यह है कि निवेश के समय जिस ब्याज दर पर सर्टिफिकेट खरीदा जाता है, वह उस सर्टिफिकेट की 5 साल की अवधि के लिए लॉक हो जाती है.
वहीं, PPF की ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही की जाती है. इसलिए भविष्य में PPF की ब्याज दर बढ़ या घट सकती है.
5 साल के लिए कौन बेहतर?
अगर निवेशक के पास 6 लाख रुपये हैं और उसका लक्ष्य सिर्फ 5 साल के लिए सुरक्षित निवेश करना है, तो मौजूदा ब्याज दर के आधार पर NSC ज्यादा रिटर्न देता है. 6 लाख रुपये की रकम NSC में 5 साल बाद करीब 8.69 लाख रुपये हो सकती है. इसके मुकाबले समान आधार पर PPF में यह रकम करीब 8.45 लाख रुपये हो सकती है.
PPF किसके लिए और NSC किसके लिए?
अगर निवेशक लंबी अवधि में पैसा बनाना चाहता है और टैक्स फ्री ब्याज को प्राथमिकता देता है, तो PPF की अपनी अलग अहमियत है. वहीं, अगर लक्ष्य 5 साल के लिए सुरक्षित निवेश है और निवेशक मौजूदा 7.7 फीसदी की ब्याज दर को 5 साल के लिए लॉक करना चाहता है, तो NSC एक विकल्प हो सकता है.
दोनों योजनाओं में कौन बेहतर है, इसका एक ही जवाब हर निवेशक के लिए नहीं हो सकता. यह निवेश की अवधि, टैक्स स्थिति और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करता है.
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