पहली सैलरी थी सिर्फ ₹18 हजार, आज 26 की उम्र में ₹75 लाख की संपत्ति; जानें इस युवा से पैसे बचाने का 7 तरीके
अर्जुन परमार ने साल 2023 में 18,000 रुपये महीने की सैलरी से करियर शुरू किया था. आज 26 साल की उम्र में उनका सालाना CTC करीब 50 लाख रुपये है और वित्तीय संपत्ति 65 से 75 लाख रुपये आंकी गई है. इस दौरान उन्होंने नौकरी जाने का दौर भी देखा. उनकी कहानी से युवा नौकरीपेशा लोग बचत, निवेश, इमरजेंसी फंड और खर्च संभालने के 7 सबक सीख सकते हैं.
Highlights
- अर्जुन ने ₹18,000 महीने की सैलरी से शुरुआत की और अब उनका सालाना CTC करीब ₹50 लाख है.
- तीन साल में उनकी वित्तीय संपत्ति करीब ₹65-75 लाख तक पहुंच गई.
- नौकरी जाने के बाद ₹6 लाख के इमरजेंसी फंड ने उन्हें सहारा दिया.
कभी 18000 रुपये महीने की सैलरी से करियर शुरू करने वाले 26 साल के अर्जुन परमार आज करीब 50 लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं. महज तीन साल में उनकी वित्तीय संपत्ति बढ़कर करीब 65 से 75 लाख रुपये तक पहुंच गई है. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी कमाई बढ़ाई, बल्कि म्यूचुअल फंड में निवेश, इमरजेंसी फंड और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी सीखा.
हालांकि, अर्जुन का सफर सिर्फ अच्छी नौकरी और बढ़ती सैलरी की कहानी नहीं है. इस दौरान उन्हें नौकरी गंवाने का झटका भी लगा. मई 2026 में कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान उनकी नौकरी चली गई. लेकिन करीब 6 लाख रुपये की इमरजेंसी सेविंग ने उन्हें मुश्किल समय में सहारा दिया. इसके बाद सितंबर 2026 में उन्होंने करीब 50 लाख रुपये सालाना CTC वाली नई नौकरी जॉइन की.
अर्जुन की कहानी बताती है कि अच्छी कमाई के साथ पैसे बचाना, सही जगह निवेश करना और मुश्किल समय के लिए तैयारी रखना भी जरूरी है. उनकी इस यात्रा से युवा नौकरीपेशा लोग पैसे से जुड़े 7 अहम सबक सीख सकते हैं.
1. पहली सैलरी से अपना भविष्य तय न करें
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जुन परमार मध्य प्रदेश के उज्जैन के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं. उनके पिता बिजली के सामान का छोटा कारोबार चलाते हैं. साल 2023 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें Tech Mahindra में सॉफ्टवेयर ट्रेनी और डेवलपर की नौकरी मिली. उनका सालाना पैकेज करीब 2.2 लाख रुपये था और हर महीने करीब 18,000 रुपये सैलरी हाथ में आती थी.
कॉलेज के कुछ दोस्त उनसे ज्यादा कमा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी पहली सैलरी को भविष्य का पैमाना नहीं बनाया. वह हर महीने करीब 5,000 से 7,000 रुपये अपने माता-पिता को भेजते थे. इसके अलावा, 2023 के आखिर में उन्होंने इंडेक्स फंड में 5000 रुपये की पहली म्यूचुअल फंड SIP शुरू की.
2. खर्च घटाने के साथ कमाई बढ़ाने पर भी ध्यान दें
अर्जुन की सैलरी में पहली बड़ी बढ़ोतरी अक्टूबर 2024 में हुई. Tech Mahindra में करीब 15 महीने काम करने के बाद उन्होंने Accenture जॉइन कर लिया. यहां उनका सालाना पैकेज करीब 12 लाख रुपये हो गया. उनकी मासिक ग्रॉस सैलरी करीब 1 लाख रुपये पहुंच गई.
इस दौरान वह उज्जैन से बेंगलुरु चले गए, जहां रहने का खर्च ज्यादा था. इसके बावजूद उन्होंने शुरुआत में महंगी लाइफस्टाइल नहीं अपनाई. वह अपने सहकर्मियों के साथ अपार्टमेंट में रहते थे और महीने का खर्च 45,000 रुपये से कम रखते थे. रोजाना आने-जाने के लिए BMTC बस और मेट्रो का इस्तेमाल करते थे और जरूरत पड़ने पर ही कैब लेते थे.
इससे उन्हें हर महीने करीब 35000 से 40000 रुपये की SIP करने का मौका मिला. परिवार को भेजी जाने वाली रकम भी बढ़ाकर करीब 15,000 रुपये महीने कर दी. मार्च 2025 तक उनकी सेविंग, EPF और निवेश मिलाकर करीब 8 से 10 लाख रुपये हो गए थे.
3. हर सैलरी बढ़ने पर खर्च भी न बढ़ाएं
अर्जुन के करियर में सबसे बड़ा बदलाव अगस्त 2025 में आया. उन्हें FAANG+ कैटेगरी की एक बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में नौकरी मिल गई. उनका सालाना CTC बढ़कर करीब 45 लाख रुपये हो गया. इसमें फिक्स्ड सैलरी, बोनस और Restricted Stock Units (RSUs) शामिल थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी.
सैलरी बढ़ने के साथ उनकी लाइफस्टाइल में भी बदलाव आया. उन्होंने बेहतर घर लिया, बाहर खाना और घूमना बढ़ाया. गैजेट्स पर भी खर्च बढ़ा. एक समय उनका मासिक खर्च ₹1.2 लाख से ज्यादा हो गया था.
हालांकि, उन्होंने निवेश जारी रखा. खर्च बढ़ने के बावजूद उन्होंने हर महीने करीब 1 लाख से 1.25 लाख रुपये निवेश करना शुरू कर दिया. उनका पैसा इंडेक्स फंड, फ्लेक्सी-कैप फंड और कुछ मिड-कैप फंड में लगा था. इसके अलावा, उन्होंने सीधे शेयरों में भी निवेश शुरू किया.
4. नौकरी जाने पर इमरजेंसी फंड आता है काम
अर्जुन की वित्तीय यात्रा में मई 2026 में बड़ा झटका लगा. उनकी कंपनी ने रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान किया और उनकी नौकरी चली गई. करीब 45 लाख रुपये सालाना CTC वाली नौकरी एक साल से भी कम समय में खत्म हो गई. हालांकि, उस समय उनके पास करीब 6 लाख रुपये की लिक्विड सेविंग थी. इस इमरजेंसी फंड की वजह से उन्हें रोजमर्रा के खर्चों के लिए तुरंत म्यूचुअल फंड या शेयर बेचने की जरूरत नहीं पड़ी.
मई से अगस्त 2026 के बीच उन्होंने फिर से कोडिंग की प्रैक्टिस की, टेक्निकल इंटरव्यू की तैयारी की और सिस्टम डिजाइन पर काम किया. इस दौरान उन्हें करीब चार जगह से रिजेक्शन भी मिला. आखिरकार सितंबर 2026 में उन्हें एक दूसरी बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में नौकरी मिल गई. उनका नया सालाना CTC करीब 50 लाख रुपये है. इस अनुभव के बाद उन्होंने तय किया कि आगे से कम से कम छह महीने के खर्च के बराबर रकम लिक्विड सेविंग में रखेंगे.
5. ₹50 लाख के CTC का मतलब हर महीने ₹4 लाख सैलरी नहीं
अर्जुन का मौजूदा सालाना CTC करीब 50 लाख रुपये है. इसे 12 महीनों में बांटें तो यह करीब 4.1 से 4.2 लाख रुपये महीने बैठता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर महीने उनके बैंक खाते में इतनी रकम आती है. उनके पैकेज में फिक्स्ड सैलरी, बोनस और RSUs शामिल हैं. टैक्स, EPF और दूसरी कटौतियों के बाद उनकी मासिक इन-हैंड सैलरी करीब 2.8 से 3 लाख है. उनके सालाना इनकम टैक्स का अनुमानित खर्च करीब 12 से 14 लाख है. यह अंतिम सैलरी स्ट्रक्चर, RSU टैक्स और लागू टैक्स व्यवस्था पर निर्भर करता है.
अर्जुन का मौजूदा मासिक खर्च करीब 1.6 से 1.7 लाख है. इसमें किराया और यूटिलिटी बिल पर करीब 35,000 रुपये खाने-पीने और घर के खर्च पर 20,000 रुपये और ट्रांसपोर्ट पर 8,000 रुपये खर्च होते हैं.
वह हर महीने परिवार को करीब 25,000 रुपये भेजते हैं. इंश्योरेंस और दूसरे खर्च करीब 10,000 रुपये हैं. घूमने, बाहर खाने और लाइफस्टाइल पर 25,000 से 30,000 रुपये खर्च होते हैं. इसके अलावा, होम लोन की EMI करीब 30,000 से 35,000 रुपये है. इन खर्चों के बावजूद वह हर महीने करीब 1.2 से 1.4 लाख रुपये निवेश करते हैं. इसमें EPF का योगदान अलग है.
6. हर बार सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड के पीछे न भागें
अर्जुन ने निवेश की शुरुआत इंडेक्स फंड में 5,000 रुपये की SIP से की थी. जैसे-जैसे उनकी सैलरी बढ़ी, उन्होंने निवेश की रकम भी बढ़ाई. अब उनके पोर्टफोलियो में इंडेक्स फंड, फ्लेक्सी-कैप फंड और कुछ मिड-कैप फंड शामिल हैं. इसके अलावा, उनके पास सीधे खरीदे गए शेयर भी हैं.
उनकी कुल वित्तीय संपत्ति करीब 65 से 75 लाख रुपये आंकी गई है. इसमें म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा करीब 35 से 40 लाख रुपये है. सीधे शेयरों में निवेश की वैल्यू करीब 7 से 10 लाख रुपये और वेस्टेड RSUs की मौजूदा बाजार कीमत करीब 8 से 10 लाख रुपये है.
इसके अलावा, उनके पास करीब 7 से 8 लाख रुपये की इमरजेंसी सेविंग, 3 से 4 लाख रुपये का सोना और 50,000 से 75,000 रुपये की क्रिप्टो होल्डिंग है. EPF और दूसरी रिटायरमेंट सेविंग में करीब 3 से 4 लाख रुपये हैं.
7. दौलत बनाने के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी जरूरी
अर्जुन ने साल 2026 में अपने माता-पिता के लिए उज्जैन में एक घर खरीदा. इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 40 से 45 लाख रुपये है. इसके लिए उन्होंने करीब 8 से 10 लाख रुपये की डाउन पेमेंट की और लगभग 30 से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया.
यह फैसला मुख्य रूप से निवेश के लिए नहीं, बल्कि अपने माता-पिता को उनका घर देने के लिए था. अर्जुन चाहते थे कि उनके माता-पिता के पास अपने शहर में एक स्थायी घर हो. वह इस घर की कीमत को अपने 5 करोड़ रुपये के निवेश पोर्टफोलियो के लक्ष्य में शामिल नहीं करते. इसकी वजह यह है कि खुद रहने के लिए खरीदा गया घर एक संपत्ति जरूर है, लेकिन यह ऐसी रकम नहीं है जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके.
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