दिल्ली-एनसीआर में महंगे हुए घर, कीमतों में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी; जानें वजह
दिल्ली-एनसीआर में आवास की कीमतों में तेज वृद्धि 2024 कैलेंडर वर्ष के दौरान अधिक आपूर्ति और बिक्री में मामूली गिरावट के बावजूद हुई. एनारॉक के आंकड़ों से पता चला है कि शीर्ष 7 शहरों में आवास की कीमतों में 13-30 प्रतिशत के बीच वृद्धि हुई है.
Delhi-NCR Property Price: दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदना महंगा हो गया है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक के अनुसार, पिछले साल इनपुट लागत में वृद्धि के कारण दिल्ली-एनसीआर में आवास की कीमतें सात प्रमुख शहरों में सबसे अधिक बढ़ीं. एनारॉक ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में औसत आवासीय मूल्य में 30 प्रतिशत की उच्चतम वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है. इसके चलते प्रॉपर्टी की कीमत साल 2023 में 5,800 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर साल 2024 में लगभग 7,550 रुपये प्रति वर्ग फुट तक हो गई.
पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में आवास की कीमतों में तेज वृद्धि 2024 कैलेंडर वर्ष के दौरान अधिक आपूर्ति और बिक्री में मामूली गिरावट के बावजूद हुई. भूमि और श्रम की कीमतों के साथ-साथ निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष में आवास की बिक्री 6 प्रतिशत घटकर 61,900 इकाई रह गई, जो साल 2023 में 65,625 इकाई थी.
ये भी पढ़ें- Budget 2025: रियल एस्टेट सेक्टर को क्या मिलेगा सरकार से बूस्टर डोज?
कीमतों में 13-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी
दिल्ली-एनसीआर में आवास संपत्तियों की नई आपूर्ति पिछले वर्ष 36,735 इकाई से 44 प्रतिशत बढ़कर 2024 में 53,000 इकाई हो गई. कुल मिलाकर, एनारॉक के आंकड़ों से पता चला है कि शीर्ष 7 शहरों में आवास की कीमतों में 13-30 प्रतिशत के बीच वृद्धि हुई है, मुख्य रूप से इनपुट लागत में वृद्धि और घर खरीदने वालों की मजबूत मांग के कारण. शीर्ष सात शहरों में औसत आवासीय मूल्य में सालाना 21 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 7,080 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 8,590 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई.
नई आपूर्ति पाइपलाइन को प्रभावित किया
एनारॉक सात शहरों – दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे पर नज़र रखता है. चालू कैलेंडर वर्ष के लिए आवास मूल्य परिदृश्य पर, एनारॉक अनुज पुरी ने कहा कि हालांकि, 2025 में इस तीव्र वृद्धि से मेल खाने की संभावना नहीं है. आने वाले वर्ष में औसत आवासीय कीमतों में वृद्धि स्थिर हो जाएगी, हालांकि इनपुट लागत में वृद्धि और उच्च मांग के बीच स्थिर वृद्धि होगी. पुरी ने कहा कि वर्ष 2025 में सूचीबद्ध डेवलपर्स द्वारा उदार नई आपूर्ति भी देखी जाएगी, जिनके पास महत्वपूर्ण इन्वेंट्री है. उन्होंने कहा कि चुनाव और धीमी परियोजना अनुमोदन प्रक्रिया ने 2024 में नई आपूर्ति पाइपलाइन को प्रभावित किया है.
ये भी पढ़ें- बांद्रा का बेहद महंगा इलाका जहां रहते हैं सैफ, 1 वर्ग फुट की कीमत 70 हजार, 5.6 करोड़ में मिलेगा 2 BHK
Latest Stories
दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदना हुआ महंगा, 12% तक उछले प्रॉपर्टी के दाम, ये है वजह
क्या गाजियाबाद बन रहा तेजी से उभरता प्रीमियम हाउसिंग डेस्टिनेशन?
Agreement of Sale vs Sale Deed: प्रॉपर्टी खरीदते समय दोनों में क्या अंतर;घर खरीदने से पहले समझ लें
