UP RERA के नए नियम! अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के ट्रांसफर चार्ज पर लगी सीमा, खरीदार भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत

UP RERA के नए नियमों से होमबायर्स को बड़ी राहत मिली है. अब अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में भी शिकायत सुनी जाएगी और ट्रांसफर चार्ज पर सख्त सीमा तय कर दी गई है. उम्मीद है कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा.

यूपी रेरा के नियम Image Credit: @Tv9

उत्तर प्रदेश में घर खरीदने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है. UP RERA ने अपने नियमों में अहम बदलाव करते हुए ऐसे प्रावधान जोड़े हैं, जो लंबे समय से परेशान हो रहे होमबायर्स को राहत दे सकते हैं. नए नियम के तहत अब अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में फंसे खरीदार भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और ट्रांसफर चार्ज पर भी सख्त सीमा तय कर दी गई है.

नियमों में क्या हुए बदलाव

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने अपने जनरल रेगुलेशंस 2019 में 10वां संशोधन लागू किया है. यह बदलाव 25 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है. इसका मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा करना है.

अब तक सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले लोग RERA में शिकायत दर्ज कराने को लेकर असमंजस में रहते थे. नए नियम के तहत अब ऐसे मामलों को भी RERA की बेंच सुनेगी. सबसे पहले यह तय किया जाएगा कि प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन जरूरी था या नहीं. अगर जरूरी पाया गया, तो पहले रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर मामले की सुनवाई कर राहत दी जाएगी.

ट्रांसफर चार्ज पर लगी सीमा

एक और अहम बदलाव ट्रांसफर और सक्सेशन चार्ज को लेकर किया गया है. अगर किसी अलॉटी की मृत्यु हो जाती है और परिवार का सदस्य संपत्ति का उत्तराधिकारी बनता है, तो बिल्डर अधिकतम ₹1,000 ही प्रोसेसिंग फीस ले सकेगा. वहीं, अगर संपत्ति किसी गैर-परिवार सदस्य को ट्रांसफर होती है, तो अधिकतम ₹25,000 तक फीस ली जा सकेगी.

नए नियम के मुताबिक, ट्रांसफर के मामलों में नया एग्रीमेंट नहीं बनाया जाएगा. केवल मौजूदा एग्रीमेंट में जरूरी बदलाव दर्ज किए जाएंगे.

शिकायत दर्ज करने की नई व्यवस्था

अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स के मामलों में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती, इसलिए शिकायतकर्ता को अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे. इसके लिए जल्द ही UP RERA पोर्टल पर Form M के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा शुरू की जाएगी. UP RERA के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाना है.

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