नोएडा में क्यों बढ़ रहे जमीनों और फ्लैट्स के दाम? क्या कहते हैं रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स

एक ओर जहां नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अल्ट्रा लग्जरी फ्लैट्स की कीमतें 10 से 25 करोड़ तक पहुंच रही हैं तो वहीं दूसरी ओर अब भी 80 लाख से 1.25 करोड़ तक के बजट वाले ग्राहकों के लिए बाजार में आलीशान फ्लैट्स हैं जो मिडल क्लास की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.

नोएडा फ्लैट्स

घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं, आजकल 20 से 25 करोड़ रुपए की कीमत वाले अल्ट्रा लग्जरी फ्लैट्स काफी चर्चा में हैं लेकिन कुछ ऐसी जगह भी हैं जहां आप लोगों को 1 से डेढ़ करोड़ के बजट में आलीशान लग्जरी फ्लैट बहुत ही आसानी से मिल जाएगा. ये जगह कोई और नहीं बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट बाजार 2 हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है. एक ओर कुछ ऐसे अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट्स हैं जहां एक फ्लैट की कीमत 10 करोड़ से 25 करोड़ तक पहुंच रही है तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स भी हैं जहां ग्राहकों को 80 लाख रुपए से 1.25 करोड़ तक के बजट में सुरक्षा, क्लब, कनेक्टिविटी और ग्रीन एरिया जैसी सभी सुविधाओं वाले लग्जरी फ्लैट मिल रहे हैं.

Noida Extension में कितनी है फ्लैट की कीमत?

नोएडा सेक्टर-150, सेक्टर-143बी, नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे इलाकों में 2BHK और 3BHK फ्लैट आपको 80 लाख से 1.20 करोड़ के बीच मिल जाएंगे. निराला एस्टेट, एसकेए ओरियन, एसीई और पूर्वांचल ग्रुप जैसे प्रोजेक्ट्स में मिडिल क्लास के खरीदारों को बेहतर स्पेस और मॉडर्न सुविधाएं मिल रही हैं. इतना सबकुछ मिलने की वजह से अब दिल्ली की तुलना नोएडा 1 करोड़ के बजट में घर खरीदने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है.

इन इलाकों में हैं अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट्स

नोएडा एक्सप्रेसवे और प्राइम सेक्टरों में अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. मैक्स एस्टेट्स के सेक्टर-128 स्थित प्रोजेक्ट, एटीएस नाइट्सब्रिज, गोदरेज वुड्स और एसीई स्टारलिट जैसे प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट लिफ्ट, बड़े साइज, लो-डेंसिटी डिजाइन और वेलनेस-कॉन्सेप्ट जैसी सुविधाएं ग्राहकों को दी जा रही हैं. इतनी सारी सुविधाओं के साथ मिल रहे अल्ट्रा लग्जरी फ्लैट्स की कीमत कई करोड़ रुपए तक पहुंच रही है. प्रेस्टिज ग्रुप भी नोएडा में प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में बड़े निवेश की तैयारी में है, जिससे साफ है कि हाई-एंड मार्केट में डेवलपर्स का भरोसा तेजी से बढ़ता जा रहा है.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में क्यों बढ़ती जा रही हैं फ्लैट्स की कीमतें?

रियल एस्टेट सेक्टर की संस्था क्रेडाई के अनुसार, क्रेडाई वेस्टर्न यू पी के प्रेसिडेंट दिनेश गुप्ता ने कहा बीते कुछ समय में जमीन और निर्माण लागत में तेज बढ़ोतरी ने मकानों की कीमतों को ऊपर धकेला है. रिपोर्ट बताती है कि निर्माण लागत में 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है, जिसकी बड़ी वजह सीमेंट, स्टील और अन्य कच्चे माल के दाम का बढ़ना है.

इसी तरह कच्चे माल और श्रम लागत बढ़ने से निर्माण लागत में 10 से 15 फीसदी तक अतिरिक्त दबाव भी आया है, जिसे डेवलपर्स सीधे प्रॉपर्टी कीमतों में जोड़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स वाले इलाकों में, प्रोजेक्ट की कुल लागत का बड़ा हिस्सा बन चुकी है, जिससे फ्लैट महंगे होते जा रहे हैं.

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और कॉर्पोरेट निवेश की वजह से नोएडा तेजी से हाई-वैल्यू मार्केट बनता जा रहा है. यही वजह है कि जहां एक ओर करोड़ों के फ्लैट लॉन्च हो रहे हैं, वहीं डेवलपर्स मिडिल क्लास को ध्यान में रखते हुए 1 करोड़ के आसपास कंफर्ट और लग्जरी पैकेज भी ग्राहकों को ऑफर कर रहे हैं.

क्या है रियल एस्सेट एक्सपर्ट्स का कहना?

सुरेश गर्ग, सीएमडी: निराला वर्ल्ड.ने बताया आज का खरीदार सिर्फ वर्गफुट नहीं देखता, बल्कि वह ऐसा घर चाहता है जहां हरियाली, बच्चों के खेलने की जगह, फिटनेस, क्लब और सामुदायिक सुविधाएं सबकुछ एक ही जगह में मिलें. इसी सोच को ध्यान में रखते हुए हम अपने प्रोजेक्ट्स को डिजाइन कर रहे हैं.

गीतांजलि खन्ना, एमडी, रियरको प्राइवेट लिमिटेड: घर खरीदने वाले लोग कम बजट में भी प्रीमियम लाइफस्टाइल चाहते हैं. एक स्मार्ट बायर की तरह वह प्रीमियम और लक्जरी के नाम पर जाने से पहले अपनी जरूरतों और सुविधाओं के आधार पर पूरा विश्लेषण कर रहे है.

निर्माण सामग्री और स्त्रोत की बढ़ती लागत से घरों की कीमत पर प्रभाव पड़ा है. ऐसे में प्रोमोटर लागत को कंट्रोल करते हुए प्रोजेक्ट को आज और आने वाले समय की मांग के हिसाब से तैयार करने में जुटे हैं जिससे घर खरीदने वालों को पॉकेट फ़्रेंडली कॉस्ट में लक्जरी और प्रीमियम प्रोजेक्ट वाली सुविधाएं व विशेषताएं उपलब्ध कराई जा सके.

हिमांशु गर्ग, निदेशक, आरजी ग्रुप: रियल एस्टेट में जमीन की लागत किसी भी प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा होती है. जिन डेवलपर्स ने समय रहते लैंड बैंक तैयार कर लिया था या कम कीमत पर जमीन खरीदी थी, वह आज लागत को नियंत्रित रख पा रहे हैं. इसी का फायदा खरीदारों को मिलता है और बेहतर सुविधाओं वाले फ्लैट किफायती कीमत पर उपलब्ध हो पाते हैं.

शैलेन्द्र शर्मा, चेयरमैन, रेनॉक्स ग्रुप: घर खरीदने वाले अब केवल छत नहीं बल्कि बेहतर स्पेस और प्रीमियम लाइफस्टाइल की तलाश में हैं. ऐसे में जिन डेवलपर्स ने पहले से लैंड बैंक तैयार कर रखा था, वह आज भी सीमित बजट में बेहतर सुविधाओं वाले घर और हाउसिंग सोसाइटी उपलब्ध कराने की स्थिति में हैं क्योंकि नई परियोजनाओं में जमीन और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों का असर साफ दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि 1-2 करोड़ वाले यूनिटस की मांग लगातार बनी हुई है.

ले क अश्वनी नागपाल (रि), सीओओ, डिलीजेंट बिल्डर्स: घर खरीदने वाले कम कीमत में प्रीमियम लाइफस्टाइल की उम्मीद रखते है. एक स्मार्ट बायर की तरह वह प्रीमियम और लक्जरी के नाम पर जाने से पहले जरूरतों और सुविधाओं के आधार पर हर चीज का पूरा विश्लेषण करते हैं. बिल्डिंग मटेरियल और बाकी चीजों की बढ़ती कीमतों के कारण घरों की कीमतों पर भी असर पड़ा है. ऐसे में प्रोमोटर लागत को कंट्रोल में रखते हुए प्रोजेक्ट्स को आज और आने वाले समय की मांग के हिसाब से तैयार कर रहे हैं. जिससे कि घर खरीदने वालों को पॉकेट फ्रैंडली कीमत में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा पाएं.

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