एविएशन सेक्टर में बड़ा धमाका, 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड से बदलने वाली है भारत की तस्वीर; इन 5 शेयरों पर रखें नजर

भारत सरकार देश के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाई देने के लिए 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना पर काम कर रही है. इस पहल से छोटे शहरों को बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ने, हवाई यात्रा को सुलभ बनाने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. तेजी से बढ़ती एविएशन डिमांड के बीच यह प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा. साथ ही, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कई बड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है.

एयरपोर्ट Image Credit: Money9live/Canva

India Aviation Sector: भारत सरकार ने देश के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाई देने के लिए 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और कस्बों को बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ना, हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान इस विजन को सामने रखा गया. यह पहल न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी.

रीजनल कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बूस्ट

इस योजना का सबसे बड़ा फोकस रीजनल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. सरकार का मानना है कि छोटे शहरों को एयर नेटवर्क से जोड़ने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत 288.4 अरब रुपये का बजट तय किया गया है, जिसे अगले 10 वर्षों में खर्च किया जाएगा. इससे देश के दूरदराज के इलाकों में भी हवाई यात्रा संभव हो सकेगी और आर्थिक विकास का विकेंद्रीकरण होगा.

तेजी से बढ़ती एविएशन डिमांड को मिलेगा सहारा

भारत का एविएशन सेक्टर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शामिल है. घरेलू एयरलाइंस लगातार नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है. 2014 के बाद देश में ऑपरेशनल एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो चुकी है और अब इस नई योजना से इस विकास को और गति मिलेगी.

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा

यह मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट रोजगार के लिहाज से भी बेहद अहम है. नए एयरपोर्ट और हेलीपैड बनने से इंजीनियरिंग, निर्माण, एविएशन मेंटेनेंस और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी. सरकार का अनुमान है कि इस योजना से लाखों युवाओं को सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

इन कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

इस योजना का सीधा फायदा कई बड़ी कंपनियों को मिलने की उम्मीद है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड अपने हेलीकॉप्टर और एयरक्राफ्ट के जरिए इस विस्तार में अहम भूमिका निभा सकती है. वहीं जीएमआर एयरपोर्ट्स, इंटरग्लोब एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो और अडानी एंटरप्राइजेज जैसी कंपनियां भी इस ग्रोथ का फायदा उठा सकती हैं. एयरपोर्ट निर्माण, ऑपरेशन और बढ़ती यात्री संख्या इन कंपनियों के रेवेन्यू को नई दिशा दे सकती है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा गेमचेंजर

इस पूरे विस्तार का सबसे अहम हिस्सा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर है. करीब 7,200 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट शुरुआती चरण में 12 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा. यहां हर दो मिनट में एक फ्लाइट ऑपरेट करने की योजना है, जो इसे उत्तरी भारत का प्रमुख एयर हब बना देगा.

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