63% मार्केट शेयर, जीरो कर्ज और डिफेंस में एंट्री! क्या यह कंपनी बनने जा रही भारत का अगला इंफ्रा सुपरस्टार?

किसी भी सड़क, पुल, मेट्रो लाइन या फैक्ट्री के बनने से पहले भारी मशीनों और सामान को उठाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम होता है. यही काम क्रेन करती हैं. इसी वजह से Action Construction Equipment (ACE) को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक बड़ा फायदा पाने वाली कंपनी माना जा रहा है.

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Infra Stocks: जब भी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की बात होती है, तो लोगों के दिमाग में सीमेंट, स्टील या सड़क बनाने वाली कंपनियों का नाम आता है. लेकिन किसी भी सड़क, पुल, मेट्रो लाइन या फैक्ट्री के बनने से पहले भारी मशीनों और सामान को उठाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम होता है. यही काम क्रेन करती हैं. इसी वजह से Action Construction Equipment (ACE) को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक बड़ा फायदा पाने वाली कंपनी माना जा रहा है. कंपनी देश में मोबाइल क्रेन बाजार की करीब 63 फीसदी हिस्सेदारी रखती है और टावर क्रेन सेगमेंट में भी लगभग 60 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मजबूत स्थिति में है.

क्रेन बिजनेस में बड़ी पकड़

ACE सिर्फ क्रेन ही नहीं बनाती, बल्कि निर्माण उपकरण, फोर्कलिफ्ट, टेलीहैंडलर, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे कई प्रोडक्ट भी तैयार करती है. इसके उत्पाद इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट, डिफेंस और कृषि जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं.

पिछले साल क्यों रहा चुनौतीपूर्ण?

  • कंपनी के लिए FY26 पूरी तरह आसान नहीं रहा. नए Emission norms लागू होने के बाद मशीनों की कीमतें बढ़ गईं.
  • इसके कारण कई ग्राहकों ने पहले ही खरीदारी कर ली थी, जिससे FY26 में मांग थोड़ी कमजोर दिखी.
  • इसके अलावा कई परियोजनाओं की शुरुआत में देरी हुई और स्टील की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने भी दबाव बनाया.
  • स्टील कंपनी की लागत का बड़ा हिस्सा है, इसलिए इससे मार्जिन पर असर पड़ा.

फिर भी मुनाफे में दिखी मजबूती

  • चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया.
  • FY26 में कंपनी की इनकम 3,391 करोड़ रुपये रही. EBITDA बढ़कर 614 करोड़ रुपये पहुंच गया और नेट प्रॉफिट 415 करोड़ रुपये रहा.
  • खास बात यह रही कि पिछले चार वर्षों में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग दोगुना होकर 9.9 फीसदी से बढ़कर 18.1 फीसदी तक पहुंच गया.
सोर्स: Trendlyne

डिफेंस सेक्टर बन सकता है नया इंजन

ACE अब डिफेंस सेक्टर पर भी बड़ा दांव लगा रही है. कंपनी के पास करीब 575 करोड़ रुपये का डिफेंस ऑर्डर बुक है. प्रबंधन का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिफेंस कारोबार कंपनी की कमाई में बड़ा योगदान दे सकता है. भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है.

कंपनी ने जापान की KATO Works के साथ 50:50 का जॉइंट वेंचर बनाया है. इस साझेदारी के जरिए भारी क्रेन बनाने की नई तकनीक मिलेगी और कंपनी को नए बाजारों में प्रवेश करने का मौका मिलेगा. इससे कंपनी ऊंचे मुनाफे वाले कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती है.

जीरो कर्ज है सबसे बड़ी ताकत

ACE की सबसे बड़ी खासियत इसका मजबूत बैलेंस शीट है. कंपनी पर लगभग कोई कर्ज नहीं है. डेब्ट-टू-इक्विटी अनुपात शून्य है. साथ ही कंपनी के पास अभी भी अतिरिक्त प्रोडक्शन क्षमता मौजूद है, जिससे बिना बड़े निवेश के भी प्रोडक्शन और कमाई बढ़ाई जा सकती है. सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च, बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग निवेश, लॉजिस्टिक्स सेक्टर का विस्तार और डिफेंस खर्च में बढ़ोतरी ACE के लिए बड़े अवसर लेकर आ रहे हैं.

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