52 वीक हाई से 48% टूटा शेयर का भाव, FIIs ने भी झाड़ा पल्ला; इस पेनी स्टॉक ने निवेशकों का किया नुकसान
इस पेनी स्टॉक के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. 52-सप्ताह के हाई से स्टॉक 48 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. इससे इतर, कंपनी के एनुवल जनरल मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों के खारिज होने और मुनाफे में गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. जानें क्या है शेयरों का हाल.
Penny Stock Falls From 52-Week High: पेनी स्टॉक्स को लेकर आमतौर पर यह राय बनी रहती है इसने निवेशकों की बंपर कमाई कराई होगी. लेकिन कुछ स्टॉक्स ऐसे भी हैं जिन्होंने निवेशकों का नुकसान कराया है. वैसे ही एक स्टॉक की हम आज बात करने वाले हैं. नाम है Advik Capital Ltd. यह एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) कंपनी है जिसके शेयरों में पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के हाई लेवल 3.29 रुपये से टूटकर अब केवल 1.56 रुपये पर आ गया है.
यानी, इसमें अब तक 44 फीसदी से भी अधिक की गिरावट दर्ज हो चुकी है. इस वजह से लंबे समय से जुड़े निवेशकों की पूंजी में काफी हद तक कमी आई है. इसी के साथ FIIs ने भी इस कंपनी ने अपना पल्ला काफी समय पहले ही झाड़ लिया है. आइए विस्तार में बताते हैं.
क्या है शेयरों का हाल?
BSE के आंकड़ों के मुताबिक, एडविक कैपिटल का शेयर पिछले एक साल में 44.48 फीसदी गिरा है. अगर पूरे साल की शुरुआत से अब तक देखें, तो इस स्टॉक में लगभग 30 फीसदी की गिरावट आई है. केवल छह महीनों में ही यह 8.77 फीसदी नीचे फिसल गया है. वहीं, अगर पिछले तीन सालों के प्रदर्शन की बात करें तो निवेशकों को लगभग 44 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है. इससे साफ है कि कंपनी का लंबी अवधि का रिटर्न कमजोर रहा है.
हालांकि, पिछले कुछ दिनों में इसमें थोड़ी तेजी देखी गई है. पिछले एक महीने में शेयर 9.09 फीसदी और पिछले एक हफ्ते में 4.70 फीसदी ऊपर गया है. वहीं, शुक्रवार, 3 अक्टूबर को भी स्टॉक 2.65 फीसदी की तेजी के साथ 1.55 रुपये पर कारोबार करते हुए बंद हुआ.
FIIs ने भी झाड़ा पल्ला
शेयरों के नेगेटिव प्रदर्शन के साथ-साथ विदेशी निवेशकों ने भी कंपनी ने अपने पैर काफी पहले ही खींच लिए. दिसंबर, 2023 तक कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 0.39 फीसदी थी. लेकिन मार्च, 2024 तक वह घटकर शून्य हो गया. उसके बाद से ही इस विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी शून्य ही रही है. हालांकि, प्रमोटर्स की स्थिति 22.49 फीसदी के साथ पिछले 3 तिमाही से बनी हुई है.

एजीएम ने किया निराश
निवेशकों की चिंता तब और बढ़ गई, जब कंपनी की 40वीं एनुवल जनरल मीटिंग (AGM) में कई अहम प्रस्तावों को शेयरधारकों ने मंजूरी नहीं दी. इन प्रस्तावों में- अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का प्रस्ताव, सिक्योरिटीज जारी करके फंड जुटाने की योजना, उधार लेने की सीमा बढ़ाना, कंपनी की संपत्तियों पर चार्ज बनाने की अनुमति, निर्धारित सीमा से अधिक लोन और निवेश की मंजूरी तथा रिलेटेड पार्टी के साथ लेन-देन को स्वीकृति देना शामिल था. इन प्रस्तावों के पास न होने के कारण कंपनी अब न तो नए फंड जुटा सकती है और न ही बड़ी कॉर्पोरेट योजनाओं को आगे बढ़ा सकती है.
वित्तिय मोर्चे पर क्या स्थिती?
वित्तीय नतीजों की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 80 फीसदी गिरकर 0.48 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही (Q1 FY25) में यह 2.34 करोड़ रुपये था. यानी, कंपनी का मुनाफा भी तेजी से घट रहा है.
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डिस्क्लेमर: मनी9लाइव किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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