एग्री सेक्टर की इन 3 कंपनियों पर रखें नजर, दमदार है ग्रोथ प्लान; जानिए कैसी है शेयरों की चाल
मानसून को लेकर अनिश्चितता के बावजूद भारत का एग्रोकेमिकल सेक्टर नए अवसरों की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. फसल सुरक्षा उत्पादों की बढ़ती मांग, कृषि निर्यात में सुधार और क्षमता विस्तार की योजनाओं के बीच कई कंपनियां बड़े निवेश कर रही हैं. ऐसे में पीआई इंडस्ट्रीज, इंडिया पेस्टिसाइड्स और कोरोमंडल इंटरनेशनल निवेशकों की नजर में प्रमुख एग्रोकेमिकल शेयर बनकर उभरे हैं.

Agriculture Stocks : जब खेतों में अच्छी बारिश होती है तो उसका असर सिर्फ किसानों की फसलों पर नहीं, बल्कि उनसे जुड़े कई उद्योगों पर भी दिखाई देता है. भले ही इस साल मानसून को लेकर कई क्षेत्रों में सामान्य से कम या असमान बारिश की आशंकाएं जताई जा रही हों, लेकिन भारतीय एग्रीकल्चर सेक्टर में लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर उम्मीदें बरकरार हैं.
फसल सुरक्षा उत्पादों की बढ़ती मांग, कृषि निर्यात में सुधार और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने पर बढ़ता जोर एग्रोकेमिकल कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. इसी बीच कई बड़ी कंपनियां क्षमता विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स पर बड़े निवेश की घोषणा कर चुकी हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर उन एग्रोकेमिकल शेयरों पर टिकी है, जो आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र की बदलती जरूरतों का सबसे बड़ा फायदा उठा सकते हैं.
PI Industries
पीआई इंडस्ट्रीज अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ कस्टम सिंथेसिस, फार्मा और बायोलॉजिकल बिजनेस पर भी ध्यान दे रही है. कंपनी को उम्मीद है कि एग्रोकेमिकल सेक्टर में सुधार के साथ वित्त वर्ष 2026 में कारोबार फिर से तेजी की राह पर लौटेगा.
कंपनी ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बड़े निवेश की योजना बनाई है. वित्त वर्ष 2027 में 500 से 600 करोड़ रुपये के कैपेक्स का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही अगले कुछ वर्षों में 8 से 10 नए उत्पादों को बाजार में उतारने की तैयारी भी चल रही है, जिससे कंपनी की ग्रोथ को मजबूती मिल सकती है.
India Pesticides
इंडिया पेस्टिसाइड्स अपने उत्पादन और निर्यात कारोबार को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. कंपनी ने मध्यम अवधि में करीब 20 फीसदी सालाना रेवेन्यू को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और वित्त वर्ष 2031 तक 3,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने की योजना बनाई है.
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी एपीआई, एग्रोकेमिकल टेक्निकल्स और इंटरमीडिएट्स की उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए उत्पादों की लॉन्चिंग और रजिस्ट्रेशन के जरिए निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
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Coromandel International
कोरोमंडल इंटरनेशनल कृषि इनपुट सेक्टर में बड़े विस्तार पर काम कर रही है. कंपनी अपने क्रॉप प्रोटेक्शन कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी का लक्ष्य लेकर चल रही है और इस कारोबार को 4,500 से 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है.
इसके लिए कंपनी ने क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस के विस्तार में 1,000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है. अगले 18 से 24 महीनों में तीन नए उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा काकीनाडा और अंकलेश्वर में नई परियोजनाओं पर भी निवेश किया जा रहा है. कंपनी कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और लागत को नियंत्रित करने के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी फोकस कर रही है.
निवेशकों के लिए क्यों अहम हैं ये कंपनियां?
एग्रोकेमिकल उद्योग में मांग बढ़ने, निर्यात में सुधार और कृषि क्षेत्र को मिल रहे सरकारी समर्थन के कारण आने वाले वर्षों में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं. ऐसे में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मजबूत ग्रोथ लक्ष्य रखने वाली पीआई इंडस्ट्रीज, इंडिया पेस्टिसाइड्स और कोरोमंडल इंटरनेशनल जैसी कंपनियां निवेशकों के लिए नजर रखने योग्य शेयर बन सकती हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.