ब्रोकरेज ने इस सीमेंट शेयर को खरीदने की दी सलाह, इस वजहों से आएगी तेजी! जान लें कहां तक जा सकता है स्टॉक

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अंबुजा सीमेंट्स पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 12 महीने का टारगेट प्राइस 554 रुपये रखा है. ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी प्रीमियम सीमेंट, ट्रेड सेल्स और लागत घटाने पर फोकस कर रही है. क्षमता उपयोग बढ़ाकर और ग्रीन एनर्जी अपनाकर कंपनी मुनाफा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है.

अंबुजा सीमेंट Image Credit: Ambuja cements Website

शेयर बाजार में जारी उथल-पुथल के बीच ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अंबुजा सीमेंट्स पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और अगले 12 महीनों के लिए शेयर का टारगेट प्राइस 554 रुपये तय किया है. फिलहाल यह शेयर करीब 461.65 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. नुवामा के मुताबिक कंपनी की मजबूत लागत नियंत्रण रणनीति और प्रीमियम उत्पादों पर फोकस इसे लंबी अवधि में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा. आइये जानते हैं कि शेयर पर ब्रोकरेज क्यों बुलिश है?

वॉल्यूम नहीं, वैल्यू पर रहेगा फोकस

नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी प्रबंधन का फोकस अब वॉल्यूम के बजाय वैल्यू ग्रोथ पर है. इसके तहत कंपनी ट्रेड सेल्स और प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है.Q3 FY26 में कंपनी की ट्रेड सेल्स में प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 35% रही, जबकि इस सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ सालाना आधार पर 31% दर्ज की गई. कंपनी का लक्ष्य लंबे समय में ट्रेड और नॉन-ट्रेड सेल्स का अनुपात 70:30 तक पहुंचाना है, जिससे मुनाफे में सुधार की उम्मीद है.

हालांकि ब्रोकरेज ने हालिया जियो-पॉलिटिकल तनाव को देखते हुए FY27 और FY28 के लिए EBITDA अनुमान में करीब 7% की कटौती की है और EV/EBITDA मल्टीपल को 19x से घटाकर 16x कर दिया है. मौजूदा कीमत पर यह शेयर FY27 के अनुमानित EV/EBITDA के करीब 12.8 गुना पर ट्रेड कर रहा है.

क्षमता उपयोग बढ़ाकर बढ़ेगी बाजार हिस्सेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक अंबुजा सीमेंट्स नई क्षमता जोड़ने के बजाय मौजूदा प्लांट की क्षमता उपयोग (Capacity Utilisation) बढ़ाकर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. नुवामा की टीम ने हाल ही में गुजरात के सांघीपुरम प्लांट का दौरा किया जहां कंपनी प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल सांघी इंडस्ट्रीज की सीमेंट क्षमता उपयोग करीब 65% और क्लिंकर क्षमता उपयोग करीब 80% तक पहुंच चुका है. कंपनी तीसरी क्लिंकर लाइन पर काम तब शुरू करेगी जब क्षमता उपयोग 85% तक पहुंच जाएगा.

लागत घटाने पर खास ध्यान

कंपनी लागत कम करने के लिए कई कदम उठा रही है. इनमें ग्रीन एनर्जी का उपयोग बढ़ाना, वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (WHRS) का इस्तेमाल और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी शामिल है. कंपनी की योजना FY28 तक कुल लागत को करीब 3650 रुपये प्रति टन तक लाने की है। इससे EBITDA में सुधार होने की उम्मीद है.

क्षमता विस्तार की योजना

अडानी समूह की सीमेंट कंपनियों की कुल क्षमता Q3 FY26 के अंत तक 109 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) थी. कंपनी का लक्ष्य इसे FY26 तक 117 MTPA और FY28 तक 155 MTPA तक बढ़ाने का है. साथ ही कंपनी की ग्रीन एनर्जी क्षमता मौजूदा 898 मेगावाट से बढ़कर FY27 तक 1,122 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है. ग्रीन पावर की हिस्सेदारी भी मौजूदा 38% से बढ़कर FY28 तक करीब 60% होने की संभावना है, जिससे बिजली लागत में कमी आएगी.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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