स्मॉलकैप से मिडकैप बनने की रेस में ये 6 शेयर, HCL से Ajanta Pharma तक देखें पूरी लिस्ट

AMFI के H2 CY26 सेमी-एनुअल रीजिग में 6 स्मॉलकैप शेयरों को मिडकैप कैटेगरी में प्रमोट किया जा सकता है. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक Hindustan Copper, NLC India, Ajanta Pharma समेत कई कंपनियां इस लिस्ट में शामिल हैं.

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शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के साल 2026 के दूसरे छमाही के सेमी-एनुअल रीजिग में 6 बड़ी स्मॉलकैप कंपनियों को प्रमोट कर मिडकैप कैटेगरी में डाला जा सकता है. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट कैपिटलाइजेशनमें जोरदार उछाल के चलते इन शेयरों का प्रमोशन लगभग तय माना जा रहा है.

क्या बदलेंगे नियम और कट-ऑफ लिमिट?

मार्केट कैपिटलाइजेशन के मौजूदा ट्रेंड को देखें तो एएमएफआई इस बार लार्ज-कैप की कट-ऑफ लिमिट को बढ़ाकर करीब ₹1.07 लाख करोड़ कर सकता है, जो दिसंबर 2025 में ₹1.05 लाख करोड़ थी. वहीं, मिडकैप सेगमेंट में एंट्री की सीमा को इस बार घटाकर करीब ₹32,800 करोड़ तय किया जा सकता है, जो इससे पहले ₹34,800 करोड़ के पास थी.

इन 6 दिग्गज स्मॉलकैप कंपनियों की लगेगी लॉटरी

नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन कंपनियों का कद बढ़कर अब मिडकैप होने जा रहा है, उनमें भारी-भरकम मार्केट कैप वाले ये नाम शामिल हैं:

  • Hindustan Copper: कंपनी का मार्केट कैप ₹47,384 करोड़ पर पहुंच चुका है, जिससे इसका मिडकैप बनना तय लग रहा है.
  • AIA Engineering: ₹45,237 करोड़ की मार्केट वैल्यू के साथ यह कंपनी भी मिडकैप बास्केट में एंट्री करने को तैयार है.
  • NLC India: इसका मार्केट कैप फिलहाल ₹44,309 करोड़ है, जो इसे अपग्रेड की रेस में आगे रखता है.
  • Ajanta Pharma: ₹39,866 करोड़ के मार्केट कैप के साथ इस फार्मा स्टॉक को भी मिडकैप का नया टैग मिल सकता है.
  • Aster DM Healthcare: हेल्थकेयर सेक्टर की इस कंपनी की वैल्यू ₹39,843 करोड़ हो चुकी है, जिससे यह ऊपर चढ़ने का दम रखती है.
  • Sona BLW: ₹38,528 करोड़ के मार्केट कैप के साथ यह शेयर भी बिल्कुल मुहाने पर खड़ा है और इसे अपग्रेड किया जा सकता है.

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निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

जब कोई स्मॉलकैप स्टॉक मिडकैप सेगमेंट में शामिल होता है, तो बड़े म्यूचुअल फंड्स और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) का ध्यान उस पर ज्यादा जाता है. कैटेगरी बदलने से इन शेयरों में बड़ा निवेश आने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आने वाले समय में इनकी कीमतों को और सपोर्ट मिल सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.