ई-वेस्ट बूम का फायदा उठा सकते हैं ये 3 शेयर; मजबूत है फंडामेंटल; रखें नजर

E-Waste रीसाइक्लिंग सेक्टर तेजी से चर्चा में है. सरकार की नई नीतियां, सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर और क्रिटिकल मिनरल मिशन के चलते इस क्षेत्र की कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं. Eco Recycling, Namo eWaste Management और Baheti Recycling Industries ने अपने कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन में मजबूत वृद्धि दर्ज की है.

E-Waste रीसाइक्लिंग सेक्टर तेजी से चर्चा में है.

E-Waste रीसाइक्लिंग सेक्टर तेजी से उभर रहा है. जिससे निवेश का नया अवसर भी बन रहा है. सरकार की नई नीतियों और सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर से इस सेक्टर की कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसी वजह से निवेशकों की नजर अब E-Waste रीसाइक्लिंग से जुडे़ शेयरों पर है. Eco Recycling, Namo eWaste Management और Baheti Recycling Industries ने हाल के वर्षों में मजबूत कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है. इन कंपनियों ने बिक्री और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है. ऐसे में यह सेक्टर आने वाले समय में निवेशकों के लिए खास साबित हो सकता है.

Eco Recycling

Eco Recycling देश की प्रमुख संगठित E-Waste रीसाइक्लिंग कंपनियों में शामिल है. कंपनी E-Waste कलेक्शन, डेटा डिस्ट्रक्शन और आईटी एसेट डिस्पोजल जैसी सर्विस देती है. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 48.18 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 9.60 फीसदी अधिक है. हालांकि पूरे साल का मुनाफा 23.12 करोड़ रुपये रहा, जो मामूली कम हुआ. लेकिन चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां रेवेन्यू 90.48 फीसदी और नेट प्रॉफिट 224.55 फीसदी बढ़ गया है.

Namo eWaste Management

Namo eWaste Management E-Waste रीसाइक्लिंग के साथ लिथियम आयन बैटरी रीसाइक्लिंग में भी विस्तार कर रही है. कंपनी फरीदाबाद, पलवल और नासिक में अपनी फैसिलिटी को ऑपरेट करती है. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 195 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा. पिछले तीन वर्षों में कंपनी की बिक्री 49.6 फीसदी और मुनाफा 67.2 फीसदी की CAGR से बढ़ा है. यह तेजी कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति को दिखाती है.

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Baheti Recycling Industries

Baheti Recycling Industries एल्युमिनियम स्क्रैप रीसाइक्लिंग और एलॉय मैन्युफैक्चिरिंग के कारोबार में एक्टिव है. कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों को सप्लाई करती है. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 725 करोड़ रुपये रहा. इसी दौरान नेट प्रॉफिट 50 फीसदी बढ़कर 26.10 करोड़ रुपये पहुंच गया. दूसरी छमाही में कंपनी ने और बेहतर प्रदर्शन किया, जहां बिक्री और मुनाफे दोनों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.