अनिश्चितता के बीच IT शेयर हुए आकर्षक, ब्रोकरेज ने इन स्टॉक्स पर दी बाय रेटिंग, जानें- टारगेट प्राइस

HDFC सिक्योरिटीज के अनुसार, रुपये के डेप्रिसिएशन से मार्जिन को कुछ राहत मिली है, लेकिन AI से जुड़ी कीमतों में गिरावट की चिंताओं ने हाल ही में वैल्यूएशन में गिरावट को जन्म दिया है. HDFC सिक्योरिटीज के मुताबिक Nifty IT इंडेक्स ने पिछले तीन महीनों में उम्मीद से कम प्रदर्शन किया है.

आईटी स्टॉक्स. Image Credit: AI

भारतीय IT सर्विस सेक्टर वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में एक सुस्त क्वार्टर के लिए तैयार है. इसमें टियर-1 कंपनियों की ग्रोथ -1.1 फीसदी से +0.9 फीसदी तिमाही आधार (QoQ) पर रहने का अनुमान है. जबकि मिड-टियर कंपनियों की ग्रोथ -1.8% से +3.4% के बीच रहने की उम्मीद है. इसकी वजह मैक्रो अनिश्चितता, चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध बढ़ने के जोखिमों के बीच बड़े सौदों पर ग्राहकों का सतर्क रवैया है, जिससे शॉर्ट टर्म में रेवेन्यू की गति धीमी पड़ गई है.

HDFC सिक्योरिटीज के अनुसार, रुपये के डेप्रिसिएशन से मार्जिन को कुछ राहत मिली है, लेकिन AI से जुड़ी कीमतों में गिरावट की चिंताओं ने हाल ही में वैल्यूएशन में गिरावट (multiple de-rating) को जन्म दिया है.

24 फीसदी की गिरावट

Claude और Palantir जैसे Gen-AI प्लेटफॉर्म से नए मॉडल लॉन्च होने के कारण, पिछले तीन महीनों में पारंपरिक SaaS/IT मॉडलों के बाधित होने के डर से शेयरों में लगभग 24 फीसदी की गिरावट आई है. भारतीय IT सर्विस कंपनियों का कहना है कि जटिल रेगुलेटरी और मौजूदा (Brownfield) वातावरण में नए Gen-AI मॉडल लागू करना मुश्किल साबित होगा.

रिकवरी की गति धीमी

हालांकि, कीमतों में गिरावट का अपेक्षित 6-7 फीसदी प्रभाव (जो पहले 4% था) USD 300-400bn के अवसर पूल में नए AI-केंद्रित सौदों से संतुलित हो जाएगा, लेकिन इससे रिकवरी की गति धीमी पड़ जाएगी. अब इस क्षेत्र की ग्रोथ रिकवरी पूरी तरह से काम को अंजाम देने की क्षमता (Execution Capability) पर निर्भर है, क्योंकि नए सौदे ज्यादातर नतीजों पर आधारित होते हैं, कीमतें AI-सहायता प्राप्त होती हैं और डील रिन्यू (renewals) छूट पर होता है.

वैल्यूएशन का लेवल

HDFC सिक्योरिटीज के अनुसार, वैल्यूएशन COVID से पहले के स्तर पर वापस आ गए हैं और करेक्शन के बाद आकर्षक हो गए हैं. हमने FY27/28E के रेवेन्यू/EPS में 1% की कटौती की है, मल्टीपल्स को स्थिर रखा है और टियर-1 कंपनियों में Infosys और HCL Tech को, तथा मिड-टियर सेगमेंट में Mphasis और Birlasoft को प्राथमिकता दी है.

कंपनीकरेंट प्राइस (CMP ₹)सिफारिश (RECO)लक्ष्य मूल्य (TP ₹)
TCS2,408जोड़ें (ADD)3,000
INFO1,276खरीदें (BUY)1,600
HCLT1,354खरीदें (BUY)1,520
WPRO191जोड़ें (ADD)225
LTM4,107खरीदें (BUY)5,560
TECHM1,405जोड़ें (ADD)1,515
PSYS5,049जोड़ें (ADD)6,240
MPHL2,137जोड़ें (ADD)2,660
LTTS3,324जोड़ें (ADD)3,500
TELX4,127जोड़ें (ADD)5,000
ZENT538जोड़ें (ADD)690
BSOFT350खरीदें (BUY)435
CYL780जोड़ें (ADD)1,110
SSOF221खरीदें (BUY)330
HAPPSTMN393खरीदें (BUY)490
MAST1,463खरीदें (BUY)2,300
CMP-1 अप्रैल 2026

आउटलुक और वैल्यूएशन

HDFC सिक्योरिटीज के मुताबिक Nifty IT इंडेक्स ने पिछले तीन महीनों में उम्मीद से कम प्रदर्शन किया है और इसमें लगभग 24 फीसदी की गिरावट आई है. इसकी मुख्य वजह AI से होने वाले बदलावों की चर्चा और ग्रोथ में धीमी रिकवरी है. Nifty IT इंडेक्स अभी 17.8x के PE पर ट्रेड कर रहा है (1 साल की अनुमानित कमाई के आधार पर), जो इसके पिछले 10 साल के औसत (21.2x) से लगभग 16 फीसदी कम है और कोविड से पहले के 10 साल के औसत (17.4x) से 4% ज्यादा है.

ब्रोकरेज ने कहा कि लार्ज-कैप IT कंपनियां FY27E और FY28E की कमाई के आधार पर क्रमशः 16.3x और 14.7x के PE पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि मिड-कैप कंपनियां 19.4x और 16.5x पर ट्रेड कर रही हैं. IT सेक्टर के लिए अनुमान है कि FY26-28E के दौरान इसकी USD रेवेन्यू CAGR 5.9 फीसदी और EPS CAGR 10.8 फीसदी रहेगी. यह पिछले तीन साल में देखी गई 2.8% रेवेन्यू और 6.8% EPS ग्रोथ से बेहतर प्रदर्शन होगा.

फॉरवर्ड वैल्यूएशन

सेक्टर का मौजूदा 1 साल का फॉरवर्ड वैल्यूएशन कोविड से पहले के 10 साल के औसत के बराबर है, जिससे पता चलता है कि इसमें और ज्यादा गिरावट की गुंजाइश कम है. रुपये की कीमत में गिरावट से मार्जिन को सहारा मिलेगा. हमने रेवेन्यू और EPS के अनुमानों में क्रमशः लगभग 0.4% और 1% की कटौती की है, और मल्टीपल्स में कोई बदलाव नहीं किया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.