इस इंफ्रा कंपनी को मिला ₹1184 करोड़ का प्रोजेक्ट, 52वीक हाई से 40% टूटे स्टॉक में आ सकती है फुर्ती? जानें डिटेल्स
इस इंफ्रा कंपनी को लखनऊ के वृंदावन योजना में इंटरनेशनल एग्जिबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर बनाने का 1,184 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है. 10,000 लोगों की क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट 24 महीनों में पूरा किया जाएगा और शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को नई पहचान देगा. जानें कैसा है शेयरों का प्रदर्शन.
J Kumar Infraprojects Bagged Order: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल इंफ्रा सेक्टर की कंपनी J Kumar Infraprojects ने फाइलिंग के जरिये बताया की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक इंटरनेशनल एग्जिबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है. इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को Superintending Engineer, PMGSY Circle, PWD, Lucknow की ओर से आधिकारिक रूप से Letter of Acceptance (LOA) जारी किया गया.
क्या है काम?
यह प्रोजेक्ट लखनऊ के वृंदावन योजना, सेक्टर-15 में विकसित की जाएगी, जहां 10,000 लोगों की क्षमता वाला एडवांस्ड कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा. इस सेंटर का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और बड़े सम्मेलनों की मेजबानी करना होगा, जिससे शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी. कंपनी इस प्रोजेक्ट को EPC (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल के तहत पूरा करेगी. इसका मतलब है कि कंपनी डिजाइन से लेकर निर्माण और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था तक पूरे काम की जिम्मेदारी संभालेगी.

कितने का है प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1,184 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें सभी टैक्स और लेबर सेस शामिल हैं, जबकि GST अलग से लागू होगा. यह प्रोजेक्ट कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती देने के साथ-साथ भविष्य की ग्रोथ के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है. समयसीमा की बात करें तो कंपनी को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 24 महीनों का समय दिया गया है. यानी अगले दो वर्षों में यह अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार होकर लखनऊ की पहचान का एक अहम हिस्सा बन सकता है.
क्या है शेयर का हाल?
J Kumar Infraprojects का शेयर गुरुवार, 2 अप्रैल को 0.32 फीसदी की गिरावट के साथ 454.40 रुपये पर बंद हुआ. हफ्ते भर के दौरान इसमें 2.58 फीसदी की तेजी आई. हालांकि, महीने भर के दौरान स्टॉक 5 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. वहीं, 6 महीने के दौरान स्टॉक का भाव 30 फीसदी तक टूट चुका है. लॉन्ग टर्म में स्टॉक ने ठीक-ठाक रिटर्न दिया है. 3 साल में 77 फीसदी की तेजी आई वहीं, 5 साल के दौरान स्टॉक का भाव 140 फीसदी तक बढ़ा है. कंपनी का मार्केट कैप 3,441 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. स्टॉक अपने 52वीक हाई (765.60 रुपये) से तकरीबन 40 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है. वहीं, स्टॉक का 52वीक लो (425 रुपये) है. आमतौर पर इस तरह के ऑर्डर अपडेट के बाद शेयर फोकस में रहते हैं जिसकी वजह से स्टॉक में हलचल देखी जाती है.
कैसा है शेयरहोल्डिंग पैटर्न?
इस कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी बड़ी है. प्रमोटर का हिस्सा 46.65 फीसदी है. इससे इतर, रिटेल और दूसरे निवेशकों की हिस्सेदारी 25.36 फीसदी है. कंपनी में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भी हिस्सेदारी है, वह 12.73 फीसदी के मालिक हैं. म्यूचुअल फंड और दूसरे घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी क्रमश: 9.48 फीसदी और 5.78 फीसदी है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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