कंपाउंडिंग का दम! सेंसेक्स SIP ने 25 साल में बनाया करोड़पति, उतार-चढ़ाव के बावजूद मिला दमदार रिटर्न

अगर कोई निवेशक 2001 से हर साल 1 लाख रुपये निवेश करता और 25 साल तक यह सिलसिला जारी रखता, तो उसका पैसा काफी बढ़ सकता था. कोविड के दौरान 2020 में भी बाजार ने करीब 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की. इसके बाद तेजी जारी रही और 2026 की शुरुआत में सेंसेक्स 86,159 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया.

बंपर रिटर्न Image Credit: Getty image

भारत के शेयर बाजार ने पिछले कुछ दशकों में जबरदस्त बदलाव देखा है. आज जहां निवेश करना आसान हो गया है, वहीं पहले ऐसा नहीं था. इसके बावजूद अगर किसी निवेशक ने अनुशासन के साथ निवेश किया होता, तो वह लंबी अवधि में शानदार रिटर्न कमा सकता था. कोविड के बाद खासकर रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी शेयर बाजार में तेजी से बढ़ी है. अब लोग रियल एस्टेट और फिक्स्ड डिपॉजिट के अलावा इक्विटी में निवेश को बेहतर विकल्प मान रहे हैं. कुछ निवेशक सीधे शेयर खरीदते हैं, जबकि कई लोग SIP के जरिए नियमित निवेश करना पसंद करते हैं.

निवेश अब हुआ आसान

आज मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की वजह से निवेश करना बेहद आसान हो गया है. निवेशक अब आसानी से अलग-अलग शेयरों की तुलना कर सकते हैं और समझदारी से फैसले ले सकते हैं. सरकार और रेगुलेटर के प्रयासों से निवेशकों की जागरूकता भी बढ़ी है, जिससे भारत दुनिया के टॉप 5 इक्विटी बाजारों में शामिल हो गया है.

पहले कैसा था बाजार?

कुछ दशक पहले शेयर बाजार में निवेश करना इतना आसान नहीं था. निवेशकों को ब्रोकरेज ऑफिस जाना पड़ता था और जानकारी भी सीमित होती थी. उस समय बाजार छोटा था, कंपनियां कम थीं और निवेश के विकल्प भी सीमित थे. सेंसेक्स में निवेश करना भी आसान नहीं था, क्योंकि रियल टाइम डेटा और आधुनिक टूल्स की कमी थी.

संकट और रिकवरी का सफर

  • अगर कोई निवेशक 2001 से हर साल 1 लाख रुपये निवेश करता और 25 साल तक यह सिलसिला जारी रखता, तो उसका पैसा काफी बढ़ सकता था.
  • 2001 में सेंसेक्स करीब 3,262 के स्तर पर था, जो 2008 तक तेजी से बढ़कर 20,286 तक पहुंच गया. लेकिन इसके बाद ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस आया और बाजार में भारी गिरावट देखी गई.
  • हालांकि 2009 में बाजार ने जबरदस्त वापसी की और करीब 81 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जो सबसे बेहतरीन सालों में से एक था.
  • 2011 में यूरोजोन संकट के चलते सेंसेक्स 24.64 प्रतिशत गिरा, लेकिन इसके बाद बाजार ने मजबूती दिखाई और अगले 14 में से 13 साल पॉजिटिव रिटर्न दिए.
  • कोविड के दौरान 2020 में भी बाजार ने करीब 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की. इसके बाद तेजी जारी रही और 2026 की शुरुआत में सेंसेक्स 86,159 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया.

SIP का कमाल

इस पूरे दौरान सेंसेक्स ने कुल मिलाकर 2,500 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया. अगर किसी निवेशक ने हर साल 1 लाख रुपये निवेश किया होता, तो 25 साल में कुल निवेश 25 लाख रुपये होता. यह रकम बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये हो जाती, जो दिखाता है कि लंबी अवधि में अनुशासन और कंपाउंडिंग कितना बड़ा फर्क ला सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.