Bajaj Auto के निवेशकों के लिए खुशखबरी, 1 जुलाई से शुरू होगा 5632 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेल
Bajaj Auto ने 5632.8 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से करने का एलान किया है. कंपनी 46.94 लाख इक्विटी शेयर 12000 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर वापस खरीदेगी. यह बायबैक 7 जुलाई 2026 तक चलेगा. कंपनी का कहना है कि मजबूत नकदी स्थिति और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के कारण यह फैसला लिया गया है.
Bajaj Auto ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने 5632.8 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई 2026 से करने का ऐलान किया है. इस बायबैक के तहत कंपनी अपने शेयर निवेशकों से तय कीमत पर वापस खरीदेगी. कंपनी का कहना है कि मजबूत नकदी स्थिति और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के चलते यह फैसला लिया गया है. इससे शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त लाभ मिलेगा और कंपनी के प्रति निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा.
1 जुलाई से शुरू होगा शेयर बायबैक
Bajaj Auto का शेयर बायबैक 1 जुलाई 2026 से शुरू होकर 7 जुलाई 2026 तक चलेगा. इस दौरान कंपनी अपने पात्र शेयरहोल्डर्स से शेयर वापस खरीदेगी. निवेशकों को तय समय लिमिट के भीतर बायबैक प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा. इसके बाद कंपनी नियमों के अनुसार पेमेंट करेगी.
12000 रुपये प्रति शेयर देगी कंपनी
कंपनी अधिकतम 46.94 लाख पूरी तरह इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी. इसके लिए प्रति शेयर 12000 रुपये की कीमत तय की गई है. पूरे बायबैक का कुल आकार 5632.8 करोड़ रुपये है. यह राशि नकद के रूप में पात्र शेयरहोल्डर्स को दी जाएगी.
बोर्ड और शेयरहोल्डर्स से मिल चुकी मंजूरी
कंपनी के निदेशक मंडल ने 6 मई 2026 को बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके बाद 14 मई 2026 को डाक मतपत्र के जरिये शेयरहोल्डर्स से विशेष प्रस्ताव पारित कराया गया. 18 जून 2026 को इसके नतीजों की घोषणा की गई. सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद अब बायबैक शुरू किया जा रहा है.
कंपनी ने क्यों लिया बायबैक का फैसला
Bajaj Auto का कहना है कि कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है और कैश फ्लो भी बेहतर है. ऐसे में अतिरिक्त कैपिटल का एक हिस्सा शेयरहोल्डर्स को लौटाना उचित माना गया. कंपनी का मानना है कि इससे निवेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और शेयरहोल्डर्स के प्रति उसकी प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी.
निवेशकों को क्या होगा फायदा
कंपनी के अनुसार शेयर बायबैक से प्रति शेयर आय में सुधार हो सकता है. इसके साथ ही इक्विटी पर मिलने वाला रिटर्न भी बेहतर होने की संभावना है. अतिरिक्त नकदी लौटाने के बाद भी कंपनी के पास भविष्य के विस्तार और नए निवेश के लिए पर्याप्त कैपिटल बनी रहेगी. इससे कंपनी की विकास योजनाओं पर कोई असर नहीं पडे़गा.
Latest Stories
लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट के लिए इन 5 शेयरों पर रखें नजर, अगले 5 साल में दिख सकती है दमदार ग्रोथ; लिस्ट में Tata Motors भी शामिल
Closing Bell: सेंसेक्स 372 अंक टूटकर, निफ्टी 23950 के नीचे बंद, रिलायंस और कोटक महिंद्रा बैंक बने गिरावट के सबसे बड़े विलेन
HAL शेयरहोल्डर्स के लिए खुशखबरी, 10 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान; जानें रिकॉर्ड डेट
