Bank of Baroda ने शेयरधारकों को किया मालामाल! 5 साल में डिविडेंड हुआ 3 गुना; रखें नजर

Bank of Baroda ने पिछले 5 वर्षों में अपने डिविडेंड में करीब 3 गुना बढ़ोतरी की है. FY26 में बैंक ने 8.5 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जबकि डिविडेंड Yield करीब 3.5 प्रतिशत है. बैंक का मुनाफा, Asset Quality, NPA, CASA और Cash Flow भी मजबूत बने हुए हैं.

बैंक ऑफ बड़ौदा Image Credit: GettyImages

Bank of Baroda: अगर आप ऐसे शेयरों की तलाश में हैं, जो नियमित डिविडेंड के साथ लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न भी दे सकें, तो Bank of Baroda (BOB) पर नजर रखना दिलचस्प हो सकता है. सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में न सिर्फ अपने मुनाफे और बैलेंस शीट को मजबूत किया है, बल्कि डिविडेंड में भी लगातार बढ़ोतरी की है. वित्त वर्ष FY22 से लेकर FY26 तक बैंक का डिविडेंड प्रति शेयर करीब तीन गुना बढ़ चुका है.

FY22 के बाद डिविडेंड में लगातार बढ़ोतरी

बैंक ने FY18 से FY21 के दौरान बैलेंस शीट पर दबाव के कारण डिविडेंड नहीं दिया था. हालांकि, FY22 से बैंक ने फिर डिविडेंड देना शुरू किया. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, FY22 में बैंक ने 2.85 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया था, जो FY26 में बढ़कर 8.5 रुपये प्रति शेयर हो गया. यानी सिर्फ पांच वर्षों में डिविडेंड करीब तीन गुना हो गया है. मौजूदा शेयर कीमत के आधार पर बैंक का डिविडेंड यील्ड करीब 3.5 प्रतिशत है.

रिकॉर्ड मुनाफे ने बढ़ाई ताकत

FY26 में Bank of Baroda का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा. बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर 20,070 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट 32,259 करोड़ रुपये रहा. मजबूत कमाई की वजह से बैंक के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध है, जिससे भविष्य में डिविडेंड भुगतान की क्षमता भी मजबूत बनी हुई है.

एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी भी पिछले कुछ वर्षों में काफी बेहतर हुई है. FY26 के अंत तक ग्रॉस NPA घटकर 1.89 प्रतिशत और नेट NPA केवल 0.45 प्रतिशत रह गया. इसके अलावा, बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो 93.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो संभावित खराब लोन के जोखिम को काफी हद तक कम करता है. बेहतर एसेट क्वालिटी का सीधा असर बैंक की कमाई और डिविडेंड देने की क्षमता पर पड़ता है.

लोन और डिपॉजिट दोनों में मजबूत ग्रोथ

FY26 के दौरान बैंक का ग्लोबल एडवांस 16.2 प्रतिशत बढ़कर 14.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, ग्लोबल डिपॉजिट 12 प्रतिशत बढ़कर 16.5 लाख करोड़ रुपये हो गया. बैंक का घरेलू CASA अनुपात 38.90 प्रतिशत रहा, जो कम लागत वाले डिपॉजिट की मजबूत स्थिति को दिखाता है. गोल्ड लोन, ऑटो लोन और होम लोन जैसे रिटेल सेगमेंट में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई.

कैश फ्लो भी बना बड़ी ताकत

डिविडेंड देने के लिए सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि मजबूत कैश फ्लो भी जरूरी होता है. FY26 में बैंक ने ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से 33,426 करोड़ रुपये का नेट कैश फ्लो हासिल किया. इसके मुकाबले डिविडेंड भुगतान पर करीब 4,318 करोड़ रुपये खर्च हुए. यानी बैंक के पास डिविडेंड देने के बाद भी पर्याप्त नकदी बची रही. बैंक के कैश एंड कैश इक्विवेलेंट्स बढ़कर 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत नजर आती है.

कैसा है शेयर का हाल

अगर शेयर की बात करें, तो शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.60 प्रतिशत गिरकर 246.80 रुपये पर बंद हुआ. वहीं, पिछले एक सप्ताह में इसमें 0.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

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