क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले जानें क्या होता है फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स, कैसे करते हैं इस्तेमाल?
फीयर और ग्रीड इंडेक्स असल में स्टॉक मार्केट या पारंपरिक वित्तीय बाजार का ही कंसेप्ट है. हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी में इसके लिए डाटा बेस और रेफरेंस पॉइंट स्टॉक मार्केट से अलग होता है. मोटे तौर पर क्रिप्टो में निवेश के लिए बिटकॉइन का डाटा बेस फीयर और ग्रीड इंडेक्स के लिए बेंचमार्क इंडेक्स के तौर पर काम करता है.
Cryptocurrency में निवेश करने से पहले पहले शेयर बाजार की तरह ही कुछ कंसेप्ट की जानकारी होना जरूरी है. फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स यानी डर और लालच सूचकांक ऐसा ही एक अहम कंसेप्ट है, जिसकी जानकारी क्रिप्टो में आपके निवेश के लिए बेहद अहम होती है. असल में यह कंसेप्ट स्टॉक मार्केट से ही आया है. क्रिप्टो की दुनिया में यह इंडेक्स मोटे तौर पर बिटकॉइन डाटाबेस पर आधारित होता है. असल में यह एक ऐसा टूल है, जो अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर निवेशकों की भावनाओं का विश्लेषण करता है. यह 0 से 100 का एक सूचकांक होता है. यहां शून्य का स्कोर “अत्यधिक भय” दर्शाता है और 100 का स्कोर “अत्यधिक लालच” को दर्शाता है.
क्रिप्टो फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स की गणना?
स्टॉक मार्केट की तरह ही क्रिप्टोकरेंसी में फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स मार्केट का मूड समझने का जरिया है. इससे पता चलता है कि ज्यादातर निवेशकों के बीच फिलहाल बाजार को लेकर डर है या लालच. डर के दौर में निवेशक जहां चौतरफा बिकवारी कर रहे होते हैं, जबकि लालच के दौर में खरीदारी करते हैं.
वोलेटिलिटी: इस इंडेक्स में वोलेटिलिटी एक अहम फैक्टर होती है. अगर अचानक वोलेटिलिटी बढ़ जाती है, तो इसे बाजार में डर के माहौल के तौर पर देखा जाता है.
वॉल्यूम: अगर बड़ी तादाद में लगातार बाजार में खरीदारी होती है, तो इससे पता चलता है कि बाजार में निवेशक लालची हो गए हैं. वहीं, बड़ी तादाद में बिकवाली और कीमत में लगातार गिरावट डर का माहौल बताती है.
सोशल मीडिया और सर्वे : किसी भी एसेट को लेकर सोशल मीडिया पर गतिविधि भी उसके बारे में निवेशकों के डर या लालच का संकेत देती है. मोटे तौर पर निवेशकों की भावनाओं को समझने के लिए यह अहम जरिया होता है.
बिटकॉइन का फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स
जनवरी 2024 में बिटकॉइन का ग्रीड इंडेक्स एक्स्ट्रीम लेवल पर पहुचं गया. बिटकॉइन ETF की वजह से यह इंडेक्स 76 अंक तक पहुंच गया. हालांकि, इसके बाद जुलाई 2024 में यह इंडेक्स एक्स्ट्रीम फीयर की तरफ चला गया. मोटे तौर पर इस दौरान अलग-अलग घटनाओं की वजह से इंडेक्स प्रभावित हुआ.
इस इंडेक्स का इस्तेमाल कैसे करें?
फीयर और ग्रीड इंडेक्स ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए बेहद उपयोगी टूल है. यह आपको बाजार की भावना को समझने और वेल इन्फॉर्म्ड फैसला लेने में मदद करता है. प्रसिद्ध अमेरिकी व्यवसायी और निवेशक वॉरेन बफेट इस बारे में सलाह देते हैं कि “जब दूसरे लालची हों तो डरें और जब दूसरे डरे हुए हों तो लालची बन जाएं. यह रणनीति बताती है कि खरीदने का सबसे अच्छा समय तब होता है, जब दूसरे घबराए हुए होते हैं, और बेचने का सबसे अच्छा समय तब होता है, जब दूसरे लालच में खरीदारी कर रहे होते हैं.
Latest Stories
RVNL का मुनाफा 59% गिरकर ₹187 करोड़ पर आया, मंगलवार को शेयरों में नजर आ सकती है हलचल; निवेशक रखें नजर
एक महीने में 81 फीसदी तक चढ़े ये 3 पेनी स्टॉक्स, क्या आपके पोर्टफोलियो में है कोई नाम; देखें डिटेल
Nifty Outlook May 26: निफ्टी ने तोड़ा कंसोलिडेशन रेंज, क्या कल भी बरकरार रहेगी तेजी? जानें- एक्सपर्ट्स का आउटलुक
