क्रिप्टो बाजार में हड़कंप, बिटकॉइन 86 हजार डॉलर से नीचे, एक हफ्ते में 8% टूटा; गोल्ड-सिल्वर की आंधी से हिला
बिटकॉइन की कीमत एक समय 4.7 प्रतिशत तक गिरकर करीब 85,105 डॉलर पर पहुंच गई. यह 19 दिसंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है. बाजार में बिकवाली सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही. ईथर, डॉजकॉइन, कार्डानो और सोलाना जैसी दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी भी 6 प्रतिशत या उससे ज्यादा टूट गईं.
Crypto market: क्रिप्टो करेंसी बाजार में गिरावट देखने को मिली. बिटकॉइन की कीमत 86 हजार डॉलर से नीचे आ गई है. यह करीब छह हफ्तों में सबसे निचला स्तर है. इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. दुनिया भर के बाजारों में जोखिम लेने की इच्छा कम हो रही है. यानी लोग अब ज्यादा सुरक्षित निवेश की ओर देख रहे हैं. इसी वजह से क्रिप्टो से पैसा निकलता दिख रहा है. बिटकॉइन के साथ साथ दूसरी डिजिटल करेंसी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है. तकनीकी शेयरों में बिकवाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों पर बढ़ते खर्च को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भी क्रिप्टो बाजार पर पड़ रहा है.
बिटकॉइन छह हफ्तों के निचले स्तर पर
रिपोर्ट के मुताबिक बिटकॉइन की कीमत एक समय 4.7 प्रतिशत तक गिरकर करीब 85,105 डॉलर पर पहुंच गई. यह 19 दिसंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है. बाजार में बिकवाली सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही. ईथर, डॉजकॉइन, कार्डानो और सोलाना जैसी दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी भी 6 प्रतिशत या उससे ज्यादा टूट गईं.
क्रिप्टो बाजार इस समय शेयर बाजार की चाल को फॉलो कर रहा है. खासतौर पर टेक शेयरों में गिरावट का असर साफ दिख रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में भारी निवेश जारी है. लेकिन यह खर्च कितना टिकाऊ रहेगा. इसे लेकर निवेशकों के मन में सवाल बने हुए हैं. इसी वजह से जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाई जा रही है.
क्या सोने की कीमतों में बढ़ोतरी है वजह?
सोना फिलहाल करीब 5,168 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. इसमें करीब 136 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. यानी लगभग 2.58 प्रतिशत की तेजी. ग्राफ में देखा जा सकता है कि दिन की शुरुआत में कीमत ऊंचे स्तर पर थी. फिर अचानक तेज गिरावट आई.
यह भी पढ़ें: मुनाफा घटा फिर भी ये दिग्गज सिगरेट कंपनी बांटेगी ₹6.5 का डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट तय, जानें कब और किसे मिलेगा फायदा




