उबला क्रूड, टूटा बाजार; सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा फिसला, इन 4 कारणों से बाजार में मचा हड़कंप!

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही. ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया और करीब 104 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को रोकने की खबर के बाद अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.

क्यों टूटा बाजार? Image Credit: Canva

Why Share Market Falling Today : गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला. इस दौरान गुरुवार को बाजार भारी गिरावट के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 614 अंकों की गिरावट के साथ 77,863 के लेवल पर, वहीं निफ्टी 175 अंक गिरकर 24,195 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इस दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में 10 में तेजी और 20 में गिरावट देखने को मिली. बैंकिंग और ऑटो शेयर इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक टूट गए थे. हालांकि, बाद हल्की रिकवरी भी आई. आइए जानते हैं कि बाजार में बिकवाली का प्रेशर क्यों देखने को मिल रहा है?

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही. ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे सत्र में बढ़त के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया और करीब 104 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को रोकने की खबर के बाद अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता और गहरी हो गई.

कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर

एशियाई बाजारों में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, जबकि अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी 0.75 फीसदी तक कमजोर रहे. इससे संकेत मिला कि वॉल स्ट्रीट की शुरुआत भी दबाव में हो सकती है.

रुपये में लगातार कमजोरी, 94 के पार पहुंचा डॉलर के मुकाबले दबाव

करेंसी मार्केट में गुरुवार को भी रुपये पर दबाव बना रहा और यह लगातार चौथे सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुआ. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल अनिश्चितता के बीच रुपया एक बार फिर 94 के स्तर के पार चला गया. भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 34 पैसे कमजोर होकर 94.12 पर ट्रेड कर रहा था. इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 94.04 पर खुला और शुरुआती कारोबार में और टूटकर 94.12 तक पहुंच गया. यह लगातार दूसरा मौका है जब रुपये ने एक महीने के भीतर 94 का स्तर पार किया है.

FII की बिकवाली

Foreign Institutional Investors (FII) ने बुधवार के सत्र में ही 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की, जिससे बाजार और करेंसी दोनों पर नेगेटिव असर पड़ा.

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