FII की भारी बिकवाली, अप्रैल में अब तक बेचे ₹48000 करोड़ से ज्यादा के शेयर; क्रूड ऑयल और ग्लोबल टेंशन का असर
अप्रैल 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है. हालांकि इसके बावजूद Nifty 50 और Sensex में शुक्रवार को मजबूती देखने को मिली है, जिसमें DIIs की खरीदारी ने अहम भूमिका निभाई. ग्लोबल टेंशन और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं. FIIs लगातार भारत से पैसा निकालकर अन्य एशियाई बाजारों में निवेश कर रहे हैं.
FIIs Selling India: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है. अप्रैल 2026 में अब तक FIIs ने करीब 48,213 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर बेच दिए हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर साफ दिखाई दे रहा है. साल की शुरुआत से अब तक FIIs कुल 1,79,335 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है.
अप्रैल में बिकवाली के बावजूद बाजार में तेजी
हालांकि शुक्रवार को बाजार ने मजबूती दिखाई. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, FIIs ने 672.09 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि DIIs ने 410.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इसके चलते Nifty 50 275.50 अंक यानी 1.16 फीसदी चढ़कर 24,050.60 पर बंद हुआ.
वहीं सेंसेक्स 918.60 अंक यानी 1.20 फीसदी की तेजी के साथ 77,550.25 पर पहुंच गया. इस तेजी में खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों का बड़ा योगदान रहा. इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार में बना हुआ है.
बिकवाली के पीछे क्या है वजह
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशक फिलहाल भारत से पैसा निकालकर दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में निवेश कर रहे हैं, जहां 2026 में बेहतर अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है. इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय कर रहे हैं.
यदि अमेरिका – ईरान के बीच शांति वार्ता सफल रहती है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के बाजार में तेजी लौट सकती है. लेकिन अगर तनाव बढ़ता है और क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है.
2026 में FIIs का ट्रेंड कैसा रहा
इस साल मार्च महीने में युद्ध जैसे हालात के कारण FIIs ने 1,17,775 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की, जो 2026 का सबसे खराब महीना साबित हुआ. फरवरी में उन्होंने 22,615 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, जबकि जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये की बिकवाली दर्ज की गई थी. अगर 2025 की बात करें, तो पूरे साल FIIs का रुख कमजोर ही रहा. उन्होंने कुल 1,66,286 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाल लिए थे.
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